महिला पत्रकार से कथित यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद बड़ा फैसला, ACP विवेक भगत को अतिरिक्त प्रभार देने का आदेश रोका
दिल्ली सरकार ने महिला पत्रकार से कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद ACP विवेक भगत को एडिशनल DCP का करंट ड्यूटी चार्ज देने का फैसला रोक दिया। जानिए पूरा मामला।


नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सोमवार देर रात असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) विवेक भगत को एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (Additional DCP) का ‘करंट ड्यूटी चार्ज’ देने के फैसले पर रोक लगा दी। विवेक भगत पर हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार के साथ कथित यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगा है।
सरकार के इस फैसले के बाद अब शेष अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देने के लिए संशोधित आदेश जारी किया जाएगा।
12 अधिकारियों को दिया जाना था अतिरिक्त प्रभार
दरअसल, सोमवार को दिल्ली सरकार की ओर से जारी एक आदेश में विवेक भगत समेत कुल 12 अधिकारियों को एडिशनल डीसीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने की जानकारी दी गई थी। आदेश सामने आने के बाद इसे लेकर विवाद शुरू हो गया।
विवाद बढ़ने के बाद दिल्ली सरकार ने देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर स्थिति स्पष्ट की। सरकार के मुताबिक, इन अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी देने की प्रक्रिया 25 अगस्त को ही शुरू कर दी गई थी और यह हालिया घटनाक्रम से पहले की प्रशासनिक प्रक्रिया थी। सरकार ने बताया कि आवश्यक प्रशासनिक मंजूरी 5 अक्टूबर को मिलने के बाद आदेश जारी किया गया था।
सरकार ने बताया ‘करंट ड्यूटी चार्ज’ का मतलब
दिल्ली सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘करंट ड्यूटी चार्ज’ एक अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था है। इसके तहत संबंधित अधिकारी को कोई अतिरिक्त आर्थिक लाभ नहीं मिलता और उन्हें नियमित पद पर तैनात अधिकारी की सभी वैधानिक शक्तियां एवं जिम्मेदारियां पूरी तरह हासिल नहीं होतीं।
सरकार ने कहा कि यह फैसला किसी अधिकारी को पदोन्नति देने या आर्थिक लाभ पहुंचाने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
विवेक भगत ने खुद किया अतिरिक्त प्रभार नहीं देने का अनुरोध
सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, विवेक भगत ने स्वयं अनुरोध किया कि महिला पत्रकारों से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न के मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक उन्हें एडिशनल डीसीपी का अतिरिक्त प्रभार न दिया जाए।
सरकार के मुताबिक, इसी अनुरोध को देखते हुए पहले जारी आदेश में बदलाव किया जा रहा है। अब विवेक भगत को अतिरिक्त प्रभार देने का फैसला रोक दिया गया है, जबकि शेष 11 अधिकारियों को प्रभार देने के संबंध में संशोधित आदेश जारी किया जाएगा।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान लगे थे आरोप
यह मामला 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में आयोजित किया गया था।
इसी दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। मामले में दिल्ली पुलिस को शिकायतें मिलने के बाद उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है।
