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काम की बात · 19-01-2026

साइबर असुरक्षा सबसे बड़ा खतरा WEF की ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट 2026

विश्व आर्थिक मंच (WEF) ने दावोस में होने वाले वार्षिक सम्मेलन से पहले जारी अपनी ‘ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट 2026’ में भारत के लिए साइबर असुरक्षा को सबसे बड़ा खतरा बताया है। यह रिपोर्ट दुनियाभर के 1,300 से अधिक विशेषज्ञों की राय पर आधारित है, जिसमें वैश्विक स्तर पर …

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समाचार डेस्क · 19-01-2026
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साइबर असुरक्षा सबसे बड़ा खतरा WEF की ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट 2026

विश्व आर्थिक मंच (WEF) ने दावोस में होने वाले वार्षिक सम्मेलन से पहले जारी अपनी ‘ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट 2026’ में भारत के लिए साइबर असुरक्षा को सबसे बड़ा खतरा बताया है। यह रिपोर्ट दुनियाभर के 1,300 से अधिक विशेषज्ञों की राय पर आधारित है, जिसमें वैश्विक स्तर पर उभरते अल्पकालिक और दीर्घकालिक जोखिमों का विश्लेषण किया गया है।

झीलें और नदियां

रिपोर्ट के मुताबिक, नया प्रतिस्पर्धी युग शुरू हो चुका है, जहां भू-राजनीतिक और आर्थिक जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं। वैश्विक स्तर पर भू-आर्थिक टकराव—जिसमें देश व्यापार प्रतिबंधों जैसे आर्थिक औजारों का इस्तेमाल करते हैं—को 2026 का सबसे बड़ा जोखिम बताया गया है। यह जोखिम रैंकिंग में आठ स्थान ऊपर चढ़ा है।

भारत के लिए क्यों गंभीर है साइबर असुरक्षा?

WEF की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में साइबर असुरक्षा का खतरा आय असमानता, अपर्याप्त सार्वजनिक सेवाओं, संभावित आर्थिक मंदी और राज्य-आधारित सशस्त्र संघर्षों जैसी चिंताओं से और गहरा जाता है। जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था और शासन प्रणाली डिजिटल होती जा रही हैं, वैसे-वैसे डिजिटल संवेदनशीलता भी बढ़ रही है।

अन्य प्रमुख वैश्विक जोखिम

भू-आर्थिक टकराव के अलावा, रिपोर्ट में इस वर्ष के अन्य बड़े वैश्विक जोखिमों के रूप में:

समाचार

राष्ट्रों के बीच सशस्त्र टकराव

चरम मौसम की घटनाएं

सामाजिक ध्रुवीकरण

गलत और भ्रामक सूचनाएं (मिसइन्फॉर्मेशन/डिसइन्फॉर्मेशन)को चिन्हित किया गया है। भ्रामक सूचना और दुष्प्रचार वैश्विक स्तर पर पांचवें स्थान पर है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और सामाजिक विश्वास के लिए बढ़ते खतरे को दर्शाता है।

एआई से जुड़ी नई चिंताएं

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के नकारात्मक प्रभाव अब वैश्विक शीर्ष जोखिमों में शामिल हो गए हैं। इनमें रोजगार में कमी, नैतिक दुरुपयोग और सुरक्षा चुनौतियां प्रमुख हैं। वहीं, वैश्विक सुरक्षा जोखिमों में साइबर सुरक्षा नौवें स्थान पर है।

इतिहास

समाधान की राह

इन बढ़ते जोखिमों से निपटने के लिए रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि:

मजबूत डिजिटल और आर्थिक परिवर्तन विकसित किए जाएं

असमानता को एक व्यापक जोखिम के रूप में संबोधित किया जाए

हाइब्रिड थ्रेट्स और दुष्प्रचार का प्रभावी मुकाबला किया जाए

जलवायु परिवर्तन को भारत की दीर्घकालिक विकास और सुरक्षा रणनीति में शामिल किया जाए

WEF की यह रिपोर्ट नीति-निर्माताओं के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है कि डिजिटल युग में सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्थिरता—तीनों को एक साथ मजबूत करना अब अनिवार्य हो चुका है।

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