ब्रेकिंग
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026
नए स्थान तलाशें
Denva Post
सभी खबरें
माखननगर · 17-09-2025

नगर परिषद का पत्र: गलत तारीख़ स्वच्छता अभियान पर उठे सवाल

नगर परिषद का पत्र: गलत तारीख़, गलत संदेश — स्वच्छता अभियान पर उठे सवाल नगर परिषद ने अपनी नई टाइम-ट्रैवल नीति को चुपके से लागू कर दिया है: पत्र पर साफ़ लिखा है ‘दिनांक 17.08.2025’, जबकि अभियान की शुरुआत 17.09.2025 बताई गई है। यानी हमारी नगर परिषद समय में पीछे…

देनवा पोस्ट
देनवा पोस्ट
समाचार डेस्क · 17-09-2025
शेयर
नगर परिषद का पत्र: गलत तारीख़ स्वच्छता अभियान पर उठे सवाल

नगर परिषद का पत्र: गलत तारीख़, गलत संदेश — स्वच्छता अभियान पर उठे सवाल

नगर परिषद ने अपनी नई टाइम-ट्रैवल नीति को चुपके से लागू कर दिया है: पत्र पर साफ़ लिखा है ‘दिनांक 17.08.2025’, जबकि अभियान की शुरुआत 17.09.2025 बताई गई है। यानी हमारी नगर परिषद समय में पीछे जाकर स्वच्छता करवा रही है — आम जनता के भरोसे की सफाई के साथ-साथ कालक्रम की भी सफाई चल रही है।

ये भी पढ़े Hindi News|नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की वक्तृत्व कला

सीएमओ का बयान: ‘कंप्यूटर ऑपरेटर की गलती’

मुख्य नगर परिषद अधिकारी  जी.एस. राजपूत ने इस कलात्मक भूल का जिम्मेदार घोषित किया — 'कंप्यूटर ऑपरेटर की गलती'। क्या यह वही ऑपरेटर है जो सुबह-शाम सिस्टम में लॉग इन करता है या वह अब हर सरकारी चूक का नया बहाना बन गया है? क्या हम किसी भी सार्वजनिक विफलता पर सबसे नज़दीकी USB और एक 'एरर-लॉग' थोप देंगे?

यह बात सिर्फ़ तारीख़ की नहीं; यह जवाबदेही और प्रोफेशनलिज़्म की बात है। सरकारी पत्राचार वह माध्यम है जिससे नागरिक विभाग पर भरोसा करते हैं; जब तारीख ही भ्रमित हो जाए तो फिर भरोसा कहाँ टिकेगा? 'कंप्यूटर ऑपरेटर' का नाम लेते ही अगर कागज़ पर मोहर लगाने वाले, चेक करने वाले और अंतिम अनुमोदन देने वाले सभी हाथ मिट जाते हैं, तो समझिए सिस्टम में पोक-होल्स हैं।

हास्यास्पद बनावट के साथ यह घटना यह भी बताती है कि गुणवत्ता नियंत्रण कहां गायब है। क्या समय की जाँच के लिए कोई प्रक्रिया नहीं है? क्या कोई दूसरा प्रूफरीडर मौजूद नहीं जो आख़िरी चरण में पत्र देखता हो?

अंतत: यह केवल एक प्रिंटिंग-त्रुटि नहीं; यह सार्वजनिक विश्वास पर एक ठेस है। नगर परिषद को चाहिए कि सार्वजनिक रूप से स्थिति स्वीकार करे, कंप्यूटर ऑपरेटर के बहाने को चुनौती दे और जिम्मेदार अधिकारियों की सूची प्रकाशित करे। नहीं तो नागरिक स्वेच्छा से सरकारी पत्रों के एडिटर बन बैठेंगे — और अगली बार यदि किसी नोटिस पर '17.07.2024' छपा तो लोग समय-यात्रा की बजाय विभाग की लापरवाही पर मीम बनाकर जवाब देंगे।

भविष्य के लिए सुधार के सुझाव

कंप्यूटर ऑपरेटर की बजाय प्रक्रिया में दोष निकालें, कर्मचारियों को तारीख़-प्रमाणन का प्रशिक्षण दें और भविष्य के लिए स्पष्ट हेल्थ-नोटिस प्रक्रिया लागू करें।

यह खबर शेयर करें
शेयर