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देश-दुनिया · 07-06-2025

Bandhavgarh Tiger Reserve : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघिन ने फिर मचाया उत्पात, महिला की मौत, ग्रामीण भयभीत

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक बाघिन के हमले में 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान राखी गांव निवासी गल्ली यादव के रूप में हुई है। बताया गया कि महिला शौच के लिए भितरी नाले की ओर गई थी, तभी झाड़ियों में छिपी बाघिन ने…

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समाचार डेस्क · 07-06-2025
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Bandhavgarh Tiger Reserve : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघिन ने फिर मचाया उत्पात, महिला की मौत, ग्रामीण भयभीत

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक बाघिन के हमले में 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान राखी गांव निवासी गल्ली यादव के रूप में हुई है। बताया गया कि महिला शौच के लिए भितरी नाले की ओर गई थी, तभी झाड़ियों में छिपी बाघिन ने उस पर अचानक हमला कर दिया। ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने तक महिला की मौत हो चुकी थी।

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इलाके में फैली दहशत

घटना के बाद क्षेत्र में भारी दहशत का माहौल है। वन अमले ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मानपुर रेंज के रेंजर मुकेश अहिरवार ने बताया कि पगमार्क से हमलावर बाघिन की पहचान की जा रही है। इसके लिए हाथी दल की मदद से सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और कई सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

वन विभाग की सुरक्षा सलाह

ग्रामीणों को जंगल में अकेले न जाने की हिदायत वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और शौच या लकड़ी काटने जैसी गतिविधियों के लिए समूह में ही निकलें। गांव के पास चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं ताकि लोग सतर्क रहें।

इस साल बांधवगढ़ में 10वीं बार हुई टकराव की घटना

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इस साल अब तक 10 बार मानव-वन्यजीव टकराव हो चुका है। 12 फरवरी से 6 जून के बीच 4 लोग मारे गए हैं और 8 लोग घायल हुए हैं। पनपथा रेंज में सबसे ज्यादा 4 हमले हुए हैं, पतौर में 3, धमोखर में 2 और मानपुर में यह पहली घटना है। यह हमला ताला कोर रेंज की सीमा के पास हुआ, जिससे बाघिन के कोर से बफर क्षेत्र में आने की आशंका जताई जा रही है।

लगातार हमलों से ग्रामीणों में डर और गुस्सा दोनों बढ़ गया है। वे वन विभाग से उचित मुआवजा और बेहतर सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं। साथ ही, क्षेत्र में शौचालय निर्माण और बाघों की निगरानी के लिए ट्रैकिंग डिवाइस लगाने की भी मांग उठ रही है। वन विभाग अब बाघिन को पहचानकर पकड़ने की चुनौती का सामना कर रहा है ताकि आगे की घटनाओं को रोका जा सके।

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