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ग्वालियर/शाजापुर · 06-08-2026

Shajapur News: 21 करोड़ की साइबर ठगी, शाजापुर का जिला पंचायत सदस्य गिरफ्तार, खाते में मिले 50 लाख

क्रिप्टो निवेश के नाम पर 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी मामले में शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खाते में 50 लाख रुपये ट्रांसफर होने का खुलासा हुआ।

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समाचार डेस्क · 06-08-2026
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Shajapur News: 21 करोड़ की साइबर ठगी, शाजापुर का जिला पंचायत सदस्य गिरफ्तार, खाते में मिले 50 लाख

ग्वालियर/शाजापुर। मध्यप्रदेश के चर्चित 21.05 करोड़ रुपये के क्रिप्टो निवेश साइबर फ्रॉड मामले में राज्य साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि साइबर ठगी से जुड़ी रकम में से 50 लाख रुपये उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस ने आरोपी को ग्वालियर की अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।

21 करोड़ की ठगी में बड़ी गिरफ्तारी

राज्य साइबर सेल की ग्वालियर जोन टीम ने मंगलवार रात शाजापुर पहुंचकर यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय कोतवाली में पूछताछ के लिए लाया गया और बाद में ग्वालियर ले जाया गया।

साइबर सेल के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने म्यूल बैंक खातों (Mule Accounts) के जरिए संचालित अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह से जुड़ी अहम जानकारियां दी हैं। इन सुरागों के आधार पर पुलिस की विशेष टीम कर्नाटक और तमिलनाडु के लिए रवाना हुई है।

चार्टर्ड अकाउंटेंट से 21 करोड़ की ठगी

मामले की शुरुआत 1 दिसंबर को हुई थी, जब ग्वालियर के 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय के पास दिव्या सिंह नाम की महिला का फोन आया। महिला ने पहले दोस्ती की और फिर क्रिप्टोकरेंसी में भारी मुनाफे का लालच देकर निवेश कराने के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपये जमा कर दिए। जब उन्होंने निवेश की राशि निकालने का प्रयास किया, तो उनसे और पैसे जमा कराने की मांग की गई। संदेह होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

खाते में पहुंचे थे 50 लाख रुपये

जांच के दौरान साइबर सेल को पता चला कि ठगी की रकम में से 50 लाख रुपये शाजापुर निवासी जगदीश कुमार मालवीय के बैंक खाते में पहुंचे थे। इसी आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया।

अंतरराज्यीय गिरोह की जांच तेज

राज्य साइबर सेल के टीआई मुकेश नारोलिया ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस अब पूरे गिरोह की भूमिका, मनी ट्रेल और अन्य संदिग्ध खातों की जांच कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि यह मामला मध्यप्रदेश के सबसे बड़े साइबर फ्रॉड मामलों में शामिल है और जांच के दौरान कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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