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छतरपुर · 27-07-2026

MP: केन-बेतवा परियोजना के विरोध में 15 दिन से चल रहा आंदोलन समाप्त

Protest against Ken-Betwa project in MP ends abruptly as police clear site (PTI) A 15-day-long protest against the Ken-Betwa Link Project and other development works in Madhya Pradesh's Chhatarpur district came to an end on Sunday after police cleared the dem…

देनवा पोस्ट
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समाचार डेस्क · 27-07-2026
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MP: केन-बेतवा परियोजना के विरोध में 15 दिन से चल रहा आंदोलन समाप्त

छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा नदी जोड़ (Ken-Betwa Link Project) और अन्य विकास परियोजनाओं के विरोध में पिछले 15 दिनों से चल रहा आंदोलन रविवार को समाप्त हो गया। जिला प्रशासन और पुलिस ने प्रदर्शन स्थल खाली कराते हुए प्रदर्शनकारियों को उनके-अपने गांवों के लिए रवाना कर दिया। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया, जबकि आंदोलनकारियों ने कार्रवाई को जबरन हटाए जाने और हिरासत में लेने का आरोप बताया है।

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आदिवासी महिलाओं के नेतृत्व में चल रहा था आंदोलन

यह आंदोलन 3 जुलाई से कुपी गांव के पास बराना नदी के किनारे चल रहा था। प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्य रूप से आदिवासी महिलाएं कर रही थीं। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर जल सत्याग्रह, चिता सत्याग्रह और प्रतीकात्मक फांसी सत्याग्रह जैसे विरोध के विभिन्न तरीके अपनाए।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर पिछले 11 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे।

प्रदर्शनकारियों का आरोप

आंदोलन की प्रमुख नेता दिव्या अहिरवार ने आरोप लगाया कि रविवार सुबह करीब 5 बजे बड़ी संख्या में पुलिस बल प्रदर्शन स्थल पर पहुंचा और मीडिया से बातचीत होने से पहले ही अमित भटनागर सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह कार्रवाई केन-बेतवा परियोजना के क्रियान्वयन में कथित 400 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोपों को दबाने के उद्देश्य से की गई।

पुलिस ने हिरासत के आरोपों से किया इनकार

हालांकि, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आदित्य पटले ने किसी भी प्रकार की गिरफ्तारी या हिरासत से इनकार किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को केवल सुरक्षा कारणों से वहां से हटाया गया और बसों के माध्यम से उनके मूल गांवों तक पहुंचाया गया।

पुलिस के अनुसार, पन्ना जिले के लोगों को उनके जिले में वापस भेजा गया, जबकि अन्य प्रदर्शनकारियों को छतरपुर और आसपास के क्षेत्रों में छोड़ा गया।

सुरक्षा कारणों का दिया हवाला

एएसपी आदित्य पटले ने बताया कि प्रदर्शन स्थल पर डॉक्टरों की टीम भी पहुंची थी, जिसने आंदोलनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण बराना नदी का जलस्तर बढ़ गया था और पुल सहित आसपास का क्षेत्र सुरक्षित नहीं रह गया था।

इसी कारण प्रशासन ने एहतियातन प्रदर्शन स्थल खाली कराने का निर्णय लिया।

विस्थापन और पुनर्वास को लेकर था विरोध

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनका आंदोलन केन-बेतवा लिंक परियोजना और अन्य विकास कार्यों से होने वाले संभावित विस्थापन, पुनर्वास और आजीविका से जुड़े मुद्दों को लेकर था। उनका आरोप है कि प्रभावित लोगों की चिंताओं का समाधान किए बिना परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।

फिलहाल प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के दावों में अंतर बना हुआ है। मामले को लेकर आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।

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