तनाव और एंग्जायटी से राहत के लिए अपनाएं ये 4 आदतें, मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मिलेगी मदद
काम का दबाव, नींद की कमी और खराब लाइफस्टाइल बढ़ा सकते हैं तनाव; रोजाना एक्सरसाइज, अच्छी नींद और अपनों से जुड़ाव हो सकता है मददगार


आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का दबाव, खराब लाइफस्टाइल, नींद की कमी और लगातार बढ़ता तनाव मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। कई लोग छोटी-छोटी बातों को लेकर जरूरत से ज्यादा चिंता करने लगते हैं, जबकि कुछ लोगों को लंबे समय तक उदासी, बेचैनी या निराशा महसूस हो सकती है।
हालांकि, रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से तनाव को बेहतर तरीके से संभालने और मूड को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है। ये आदतें किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या का इलाज नहीं हैं, लेकिन सामान्य तनाव और दिनचर्या को बेहतर बनाने में उपयोगी हो सकती हैं।
1. रोज करें एक्सरसाइज
शारीरिक गतिविधि सिर्फ शरीर को फिट रखने के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हो सकती है। रोजाना 20 से 30 मिनट तेज वॉक, योग, साइकलिंग या अपनी पसंद की कोई एक्सरसाइज करने की कोशिश करें।
नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर को सक्रिय रखने के साथ तनाव कम करने और मूड बेहतर करने में मदद कर सकती है। शुरुआत में ज्यादा कठिन एक्सरसाइज करने के बजाय अपनी क्षमता के अनुसार हल्की गतिविधि से शुरुआत करना बेहतर हो सकता है।
2. नींद को न करें नजरअंदाज
मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त नींद बेहद जरूरी है। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल और अनियमित सोने-जागने का समय नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।
रोज लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें। सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें। देर शाम के बाद कैफीन का सेवन सीमित करना भी कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकता है।
अच्छी नींद शरीर और दिमाग को आराम देने के साथ अगले दिन बेहतर तरीके से काम करने में मदद करती है।
3. मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा
अगर दिमाग लगातार विचारों में उलझा रहता है या तनाव महसूस होता है, तो कुछ मिनट मेडिटेशन या डीप ब्रीदिंग की कोशिश की जा सकती है।
रोजाना 5 से 10 मिनट शांत जगह पर बैठकर धीरे-धीरे सांस लेने और छोड़ने पर ध्यान केंद्रित करें। नियमित रूप से ऐसा करने से मन को शांत करने और तनाव से निपटने में मदद मिल सकती है।
4. परिवार और दोस्तों से जुड़े रहें
तनाव या परेशानी के दौरान खुद को लंबे समय तक अकेला रखने के बजाय परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना बेहतर हो सकता है। किसी भरोसेमंद व्यक्ति के साथ अपनी परेशानी साझा करने से मन हल्का महसूस हो सकता है।
सामाजिक जुड़ाव मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए व्यस्त दिनचर्या के बावजूद अपने करीबी लोगों के लिए समय निकालना जरूरी है।
कब लें विशेषज्ञ की मदद?
रोजमर्रा की अच्छी आदतें तनाव को संभालने में मदद कर सकती हैं, लेकिन हर मानसिक स्वास्थ्य समस्या केवल लाइफस्टाइल में बदलाव से ठीक नहीं होती। अगर लगातार उदासी, अत्यधिक चिंता, नींद में गंभीर परेशानी, निराशा या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने जैसे लक्षण बने रहते हैं, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
