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केसला · 48 मिनट पहले

154 करोड़ की सिंचाई परियोजना तीन साल से अधर में, नाराज किसानों ने खाली नहर में दिया 24 घंटे धरना, लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त

केसला के 35 गांवों को मिलना है देवरी उद्वहन सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का लाभ, मंत्री तुलसी सिलावट ने व्हाट्सएप कॉल पर की बात; अधिकारियों ने 8 से 10 महीने में काम शुरू करने का दिया आश्वासन

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 48 मिनट पहले
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154 करोड़ की सिंचाई परियोजना तीन साल से अधर में, नाराज किसानों ने खाली नहर में दिया 24 घंटे धरना, लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त

नर्मदापुरम/केसला। जिले के केसला विकासखंड में प्रस्तावित देवरी उद्वहन सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का काम स्वीकृति के तीन साल बाद भी शुरू नहीं होने से किसानों का आक्रोश सामने आया है। करीब 154 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत इस परियोजना में देरी के विरोध में किसानों ने पथरोटा की खाली नहर में उतरकर लगभग 24 घंटे तक धरना दिया। किसानों की मांग थी कि परियोजना का निर्माण कार्य शुरू करने की निश्चित समय-सीमा विभाग लिखित रूप में उपलब्ध कराए। आखिरकार जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा 8 से 10 महीने के भीतर काम शुरू करने का लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।

2023 में मिली थी स्वीकृति, अब तक शुरू नहीं हुआ काम

देवरी उद्वहन सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को वर्ष 2023 में स्वीकृति मिली थी। इस परियोजना पर लगभग 154.33 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसके माध्यम से केसला विकासखंड के 35 गांवों में किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जानी है।

किसानों का कहना है कि परियोजना स्वीकृत हुए करीब तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक धरातल पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इसके कारण क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

किसानों ने परियोजना में हो रही देरी को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि केवल घोषणाओं और मौखिक आश्वासनों से उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा। विभाग को निर्माण कार्य शुरू करने की स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करनी चाहिए।

खाली नहर में उतरकर किसानों ने किया विरोध प्रदर्शन

परियोजना का काम शुरू कराने की मांग को लेकर किसानों और आदिवासी संगठनों ने पथरोटा की खाली नहर में धरना शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने लगभग 24 घंटे तक नहर में बैठकर अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया।

आंदोलनकारी किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक जल संसाधन विभाग की ओर से लिखित आश्वासन नहीं दिया जाएगा, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। हालांकि, प्रदर्शन में अपेक्षा के अनुरूप भीड़ नहीं जुट सकी। आंदोलन के दूसरे दिन धरनास्थल पर करीब 50 लोग मौजूद रहे। इसके बावजूद किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखा।

मंत्री तुलसी सिलावट ने व्हाट्सएप कॉल पर की किसानों से बात

किसानों के आंदोलन की जानकारी भोपाल तक पहुंचने के बाद प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से प्रदर्शनकारी किसानों से बातचीत की।

मंत्री ने किसानों की समस्याएं सुनने के साथ उन्हें भोपाल आकर चर्चा करने का निमंत्रण दिया। हालांकि, किसान केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। किसानों ने स्पष्ट कहा कि परियोजना के संबंध में पहले भी इंतजार करना पड़ा है। इसलिए अब निर्माण कार्य कब शुरू होगा, इसकी समय-सीमा लिखित रूप में दी जाए।

किसानों के इस रुख के बाद विभागीय अधिकारियों ने लिखित आश्वासन देने की प्रक्रिया शुरू की।

अधिकारियों ने दिया लिखित पत्र, 8 से 10 महीने में काम शुरू करने का आश्वासन

किसानों की मांग के बाद जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता आरआर मीना, कार्यपालन यंत्री राजश्री कटारे और कार्यपालन यंत्री अंकित सराफ की ओर से किसानों को लिखित पत्र दिया गया।

पत्र में देवरी उद्वहन सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का काम आगामी 8 से 10 महीने के भीतर शुरू करने का आश्वासन दिया गया है।

लिखित आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने करीब 24 घंटे से जारी अपना धरना समाप्त कर दिया। हालांकि, किसानों की प्रमुख मांग केवल पत्र प्राप्त करना नहीं, बल्कि परियोजना का वास्तविक निर्माण कार्य शुरू कराना है। ऐसे में आने वाले महीनों में विभाग की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

मंगलवार को भोपाल जाएगा 10 किसानों का प्रतिनिधिमंडल

धरना समाप्त होने के बाद किसानों ने बताया कि मंगलवार को 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भोपाल जाकर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट से मुलाकात करेगा।

इस मुलाकात के दौरान किसान परियोजना की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्य शुरू होने में देरी के कारणों और विभाग द्वारा दी गई समय-सीमा पर चर्चा करेंगे। किसान यह भी जानना चाहते हैं कि परियोजना के निर्माण से जुड़ी आवश्यक विभागीय प्रक्रियाएं किस स्तर पर लंबित हैं और उन्हें पूरा करने में कितना समय लगेगा।

35 गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा का इंतजार

देवरी उद्वहन सूक्ष्म सिंचाई परियोजना केसला विकासखंड के 35 गांवों के किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। परियोजना पूरी होने पर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।

किसानों का कहना है कि सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध होने से खेती की संभावनाएं बढ़ेंगी और किसानों को पानी की उपलब्धता को लेकर होने वाली परेशानियों से राहत मिल सकेगी।

हालांकि, परियोजना का वास्तविक लाभ तभी मिल पाएगा, जब निर्माण कार्य शुरू होकर निर्धारित समय में पूरा होगा।

अब विभाग के आश्वासन की होगी परीक्षा

करीब 24 घंटे चले आंदोलन के बाद किसानों ने लिखित आश्वासन के आधार पर धरना तो समाप्त कर दिया है, लेकिन परियोजना को लेकर उनकी चिंता अभी खत्म नहीं हुई है।

वर्ष 2023 में स्वीकृत 154.33 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए अब विभाग ने निर्माण कार्य शुरू करने की 8 से 10 महीने की समय-सीमा बताई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार विभाग अपने आश्वासन पर अमल करेगा या 35 गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा के लिए और इंतजार करना पड़ेगा?

फिलहाल किसानों की नजर मंगलवार को जल संसाधन मंत्री के साथ प्रस्तावित बैठक और उसके बाद विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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