ब्रेकिंग
मंगलवार, 29 सितंबर 2026
भौगोलिक संदर्भ
Denva Post
सभी खबरें
MP Weather · 24-08-2026

MP Weather: मध्यप्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; भोपाल में जलभराव से जाम

मध्यप्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। भोपाल में बारिश से जलभराव और जाम, डिंडौरी-बालाघाट में 4 से 8 इंच तक बारिश का अनुमान। 27 अगस्त तक बारिश के आसार।

देनवा पोस्ट
देनवा पोस्ट
समाचार डेस्क · 24-08-2026
शेयर
MP Weather: मध्यप्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; भोपाल में जलभराव से जाम

भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई, जबकि कुछ जिलों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। राजधानी भोपाल में दोपहर बाद करीब एक घंटे हुई तेज बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।

भौगोलिक संदर्भ

विदिशा में बारिश के बाद बाजारों में पानी भर गया। वहीं रायसेन और शाजापुर में भी तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून द्रोणिका, चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से बारिश का दौर बना हुआ है।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पूर्वी और मध्य मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है।

एक घंटे की बारिश ने भोपाल की ट्रैफिक व्यवस्था बिगाड़ी

राजधानी भोपाल में सोमवार दोपहर करीब एक घंटे हुई तेज बारिश के बाद कई प्रमुख सड़कों और इलाकों में पानी भर गया। जलभराव का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा।

अप्सरा से प्रभात चौराहा, अशोका गार्डन और सुभाष नगर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब एक किलोमीटर लंबे जाम में स्कूल बसों के साथ एंबुलेंस भी फंस गईं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के बाद यातायात का दबाव बढ़ने के बावजूद प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त यातायात पुलिसकर्मी नजर नहीं आए। इससे जाम की स्थिति और गंभीर हो गई।

लोगों ने प्रमुख चौराहों पर बारिश के दौरान अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।

डिंडौरी और बालाघाट में 4 से 8 इंच तक बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले 24 घंटे के दौरान डिंडौरी और बालाघाट में भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में करीब 4 से 8 इंच तक पानी गिरने का अनुमान जताया गया है।

इसके अलावा विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सिवनी, जबलपुर, मंडला, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी और छतरपुर में भी भारी बारिश की चेतावनी है।

वहीं भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, देवास, रतलाम, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सतना, सिंगरौली, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत अन्य जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

24 घंटे में नर्मदापुरम संभाग में औसतन 3.7 इंच बारिश

पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। नर्मदापुरम संभाग में औसतन 3.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।

कुछ प्रमुख स्थानों पर बारिश का आंकड़ा इस प्रकार रहा—

Ai Genrated Image
Ai Genrated Image

बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कों पर पानी जमा हुआ और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

27 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मध्यप्रदेश में बारिश का यह दौर 27 अगस्त तक जारी रहने के आसार हैं। पूर्वी मध्यप्रदेश के साथ पश्चिमी हिस्सों में भी कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।

भौगोलिक संदर्भ

मानसून सिस्टम सक्रिय रहने के कारण आने वाले दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।

जून की बारिश की कमी अब भी पूरी नहीं

प्रदेश में मानसून की स्थिति में सुधार के बावजूद जून में हुई बारिश की कमी अब तक पूरी नहीं हो सकी है। जून में मध्यप्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी।

इसके बाद जुलाई में अच्छी बारिश हुई और महीने का बारिश कोटा पूरा हो गया। हालांकि जून की कमी पूरी नहीं हो पाई। मानसून के दौरान दो बार बारिश का ब्रेक आने से भी सीजन की कुल बारिश सामान्य आंकड़े से नीचे बनी हुई है।

मध्यप्रदेश में पूरे मानसून सीजन के दौरान सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच रहता है।

भारी बारिश को लेकर प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत

प्रदेश में एक बार फिर सक्रिय हुए मानसून के बीच भारी बारिश वाले जिलों में प्रशासन और स्थानीय निकायों के सामने जलभराव, सड़क यातायात और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

खासकर शहरी क्षेत्रों में थोड़े समय की तेज बारिश से जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या सामने आ रही है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की जरूरत है।

यह खबर शेयर करें
शेयर