MP Weather: मध्य प्रदेश में आज भी बारिश का जोर, 5 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश में मंगलवार को बारिश का जोर बना रहेगा। टीकमगढ़, दमोह, नरसिंहपुर, बैतूल और राजगढ़ में अति भारी बारिश का अलर्ट, जबकि 20 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है।


भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय बना हुआ है। मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने टीकमगढ़, दमोह, नरसिंहपुर, बैतूल और राजगढ़ में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में ढाई इंच से अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं प्रदेश के 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती हैं। हालिया मौसम तंत्रों के कारण प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में विशेष रूप से बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।
20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मंगलवार को गुना, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, कटनी, शहडोल, छतरपुर, पन्ना, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश हो सकती है।
इन क्षेत्रों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। IMD के उपलब्ध पूर्वानुमान में मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बताई गई है।
भोपाल समेत 30 जिलों में बारिश का दौर
राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के करीब 30 जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है। इनमें विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, डिंडौरी, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी शामिल हैं।
बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत है।
करैरा में 5.4 इंच बारिश
पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार शिवपुरी के करैरा में 5.4 इंच, निवाड़ी के ओरछा में 3.3 इंच, सागर के रहली में 3 इंच और भोपाल के कोलार में 3.2 इंच बारिश हुई।
इसके अलावा भोपाल के नवीबाग में 3.1 इंच और भोपाल शहर में करीब 3 इंच बारिश दर्ज की गई। नर्मदापुरम जिले में औसतन 3.7 इंच बारिश दर्ज होने से कई क्षेत्रों में बारिश का असर दिखाई दिया।
लगातार बारिश के बीच शहडोल में सोमवार रात बाणसागर बांध के तीन गेट आधा-आधा मीटर खोले गए। बांध के जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
निम्न दबाव क्षेत्र और द्रोणिका का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश का दौर बना हुआ है। 24 अगस्त को गंगीय पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ा था, जिसके प्रभाव से मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
40 जिलों में अब भी बारिश सामान्य से कम
प्रदेश में लगातार बारिश के बावजूद कई जिलों में मानसून की कुल बारिश सामान्य से कम बनी हुई है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में सामान्य से 6 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के भी कई जिलों में बारिश सामान्य से कम है। हालांकि कुछ जिलों में अच्छी बारिश होने से आंकड़ा धीरे-धीरे सुधर रहा है।
15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
मध्य प्रदेश में मानसूनी सीजन के दौरान सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में सामान्य मौसमी बारिश लगभग 38 से 39 इंच के आसपास रहती है।
जून की बारिश की कमी अब भी बरकरार
इस मानसून सीजन की शुरुआत प्रदेश के लिए कुछ कमजोर रही थी। जून में मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में अच्छी बारिश हुई, लेकिन मानसून के बीच में कमजोर पड़ने के कारण कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां कम रहीं।
बाद में सक्रिय हुए मौसम तंत्रों के कारण प्रदेश में बारिश का आंकड़ा बढ़ा, लेकिन जून में हुई कमी अब तक पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी है। आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से प्रदेश के कई जिलों में मानसूनी बारिश के आंकड़े में और सुधार होने की उम्मीद है।
