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लाइफस्टाइल · 6 मिनट पहले

मोरिंगा के पत्तों से बनाएं चाय और पराठे, एक ही बार में दो तरह से करें इस्तेमाल

मोरिंगा के पत्तों से पहले चाय बनाएं और बचे पत्तों से स्वादिष्ट रोटी या पराठे तैयार करें। जानिए आसान तरीका और पत्तों के बेहतर इस्तेमाल की पूरी जानकारी।

कंचन शर्मा
कंचन शर्मा
Reporter · 6 मिनट पहले
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मोरिंगा के पत्तों से बनाएं चाय और पराठे, एक ही बार में दो तरह से करें इस्तेमाल

लाइफस्टाइल । मोरिंगा यानी सहजन के पत्तों का इस्तेमाल भारतीय खान-पान में लंबे समय से किया जाता रहा है। इसकी पत्तियों को सब्जी, सूप और दूसरी रेसिपी में शामिल किया जाता है। अगर आप मोरिंगा के पत्तों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहते हैं, तो इसका एक आसान तरीका यह भी है कि एक ही बार तैयार किए गए पत्तों का दो तरह से इस्तेमाल किया जाए।

मोरिंगा के ताजे पत्तों से पहले चाय तैयार की जा सकती है और चाय छानने के बाद बचे हुए पत्तों को आटे में मिलाकर रोटी या पराठे बनाए जा सकते हैं। इस तरह पत्तों को फेंकने की जरूरत नहीं पड़ती और उनका इस्तेमाल दो अलग-अलग व्यंजनों में किया जा सकता है।

पहले तैयार करें मोरिंगा के पत्ते

सबसे पहले ताजे मोरिंगा यानी सहजन के पत्ते लें। इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और अतिरिक्त पानी निकलने दें। इसके बाद पत्तों को चाकू से बारीक काट लें।

अब कटे हुए पत्तों को छोटी ओखली या सिल-बट्टे की मदद से हल्का कूट लें। इससे पत्तियां थोड़ी मुलायम हो जाएंगी और चाय तैयार करते समय उनका स्वाद पानी में आसानी से आ सकेगा।

ऐसे बनाएं मोरिंगा की चाय

मोरिंगा की चाय बनाने के लिए एक पैन में करीब एक गिलास पानी डालें। इसमें एक मुट्ठी कटे और हल्के कुटे हुए मोरिंगा के पत्ते डाल दें।

पानी को कुछ देर उबलने दें और तब तक पकाएं, जब तक पानी घटकर लगभग एक कप न रह जाए। इसके बाद चाय को छान लें।

अगर आपको इसका स्वाद पसंद हो तो इसमें थोड़ा नींबू या शहद मिलाया जा सकता है। स्वाद के लिए थोड़ी मात्रा में चाट मसाला भी डाला जा सकता है। हालांकि शहद को बहुत गर्म पेय में डालने के बजाय पेय के थोड़ा ठंडा होने के बाद मिलाना बेहतर रहता है।

अब सबसे खास बात—चाय छानने के बाद जो मोरिंगा के पत्ते बच गए हैं, उन्हें फेंकने की जरूरत नहीं है।

बचे हुए पत्तों से बनाएं रोटी या पराठा

चाय बनाने के बाद बचे हुए उबले मोरिंगा के पत्तों को गेहूं के आटे में मिलाया जा सकता है। इसमें स्वाद के अनुसार थोड़ा नमक डालें।

आप चाहें तो आटे में थोड़ी अजवाइन या बेसन भी मिला सकते हैं। इसके बाद सभी सामग्री को मिलाकर नरम आटा गूंथ लें।

अब आटे की लोई बनाकर सामान्य तरीके से रोटी या पराठा बेलें और तवे पर सेंक लें। चाहें तो पराठे पर थोड़ा घी या तेल भी लगाया जा सकता है।

एक बार की तैयारी, दो इस्तेमाल

मोरिंगा के पत्तों को इस तरह इस्तेमाल करने का फायदा यह है कि एक ही सामग्री से दो अलग-अलग चीजें तैयार हो जाती हैं। पहले पत्तों से पेय बनाया और फिर उसी के बचे हुए पत्तों को आटे में मिलाकर रोटी या पराठा तैयार कर लिया।

मोरिंगा की पत्तियों में फाइबर सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं और इन्हें संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि किसी बीमारी के इलाज या किसी विशेष स्वास्थ्य लाभ के लिए मोरिंगा को दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

स्वाद के साथ कम करें फूड वेस्ट

अगर घर में ताजे मोरिंगा के पत्ते उपलब्ध हैं, तो उन्हें केवल एक ही रेसिपी तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है। चाय के बाद बचे पत्तों को रोटी या पराठे में शामिल करके भोजन में इस्तेमाल किया जा सकता है।

इस तरह एक ही बार पत्तों की तैयारी करके चाय और नाश्ता—दोनों तैयार किए जा सकते हैं और खाने योग्य सामग्री को बेकार जाने से भी बचाया जा सकता है।

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