ब्रेकिंग
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
नक्शे देखें
Denva Post
सभी खबरें
देश-दुनिया · 22-05-2023

बीजेपी के लिए बातचीत का रास्ता अब भी नहीं खोलना खतरनाक, मणिपुर हिंसा में भी कश्मीर वाली गलती तो नही कर रही सरकार

आजादी के बाद सितंबर, 1949 में महाराजा बोधचंद सिंह के हस्ताक्षर से मणिपुर भारत में शामिल हो गया। पहले वह केन्द्रशासित क्षेत्र था, 1962 में राज्य बना। लेकिन जमीन और आबादी की असमानता की समस्या नहीं सुलझ पाई। बीजेपी की एन. बीरेन सिंह सरकार द्वारा मादक पदार्थों क…

देनवा पोस्ट
देनवा पोस्ट
समाचार डेस्क · 22-05-2023
शेयर
खबरें पढ़ें
बीजेपी के लिए बातचीत का रास्ता अब भी नहीं खोलना खतरनाक, मणिपुर हिंसा में भी कश्मीर वाली गलती तो नही कर रही सरकार

आजादी के बाद सितंबर, 1949 में महाराजा बोधचंद सिंह के हस्ताक्षर से मणिपुर भारत में शामिल हो गया। पहले वह केन्द्रशासित क्षेत्र था, 1962 में राज्य बना। लेकिन जमीन और आबादी की असमानता की समस्या नहीं सुलझ पाई।

बीजेपी की एन. बीरेन सिंह सरकार द्वारा मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान और पहाड़ियों में गांजा-भांग-पोस्ते की खेती के इलाके में कमी का अभियान इस बार हिंसा शुरू होने का कारण बना। इसमें इम्फाल के मादक पदार्थां के व्यापारियों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। सरकार का अभियान सही तरीके से चलता, तो जनजातियों के जीवन-यापन पर असर होता जबकि मादक पदार्थों के व्यापारियों और इसमें निवेश करने वाले लोग भी काफी कुछ खो देते। खास बात है कि ये ज्यादातर मैतेई हैं।

ठीक है कि आदिवासियों के लिए अलग राज्य की मांग इस वक्त काफी अपरिपक्व है लेकिन इन सबके स्थायी समाधान को काफी दिनों तक नहीं टाला जा सकता।

यह खबर शेयर करें
शेयर