सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, MCX पर 1% टूटा भाव; मजबूत डॉलर ने बढ़ाया दबाव
सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। MCX पर दिसंबर वायदा सोना 1,020 रुपये टूटकर 1,49,370 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचा। जानें गिरावट की वजह।


नई दिल्ली। सोने की कीमतों में सोमवार को वायदा कारोबार के दौरान बड़ी गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर में लगातार मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के चलते सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना करीब 1 प्रतिशत गिरकर 1,49,370 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
MCX पर दिसंबर महीने के सोने के वायदा भाव में 1,020 रुपये यानी करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले पिछले कारोबारी सप्ताह में भी सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली थी।
एक हफ्ते में करीब 2,887 रुपये सस्ता हुआ सोना
छुट्टियों के कारण पिछले कारोबारी सप्ताह में कारोबार सीमित रहा। इसके बावजूद 10 ग्राम सोने की कीमत में करीब 2,887 रुपये यानी लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को घरेलू कमोडिटी बाजार में कारोबार बंद रहा था।
कमोडिटी बाजार की जानकारों के मुताबिक, फिलहाल सोना एक तरह के कंसॉलिडेशन फेज में है। डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में होने वाले बदलावों का असर कीमती धातुओं पर साफ दिखाई दे रहा है।
18 महीने के ऊंचे स्तर पर पहुंचा डॉलर
च्वाइस ब्रोकिंग की कमोडिटी टेक्निकल एनालिस्ट कावेरी मोरे के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स बढ़कर 102.37 के स्तर तक पहुंच गया, जिसे करीब 18 महीनों का उच्च स्तर बताया जा रहा है। डॉलर मजबूत होने पर आमतौर पर डॉलर में खरीदे जाने वाले सोने की मांग पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में हाल के दिनों में कमजोरी देखने को मिली है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का क्या हाल?
वैश्विक बाजार में कॉमेक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में मामूली बढ़त दर्ज की गई और यह करीब 4,163.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
मुद्रेक्स के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत के मुताबिक, सोना हाल में 4,200 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार करने के बाद फिलहाल करीब 4,150 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखाई दे रहा है।
हालांकि, अमेरिकी रोजगार बाजार से जुड़े मजबूत आंकड़ों ने सोने की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बनाया है।
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से भी बदला बाजार का रुख
अमेरिका में मजबूत रोजगार आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व की ओर से अक्टूबर में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर हुई है। बाजार में अक्टूबर में दर कटौती की संभावना करीब 20 प्रतिशत तक कम होने की बात कही जा रही है।
वहीं, दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद अभी भी बनी हुई है। बाजार में दिसंबर में दर कटौती की संभावना करीब 70 प्रतिशत आंकी जा रही है।
ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव का सीधा असर सोने पर पड़ता है, क्योंकि निवेशक डॉलर, बॉन्ड और सोने जैसे अलग-अलग विकल्पों के बीच अपना निवेश संतुलित करते हैं।
चांदी में भी बड़ी गिरावट
सोने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों में भी पिछले सप्ताह तेज गिरावट देखने को मिली। चांदी करीब 4.38 डॉलर यानी 6.7 प्रतिशत तक फिसली और लगभग 60.41 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई।
इस तरह पिछले सप्ताह सोने और चांदी दोनों कीमती धातुओं में दबाव देखने को मिला। बाजार की आगे की दिशा अब डॉलर की चाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, रोजगार आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसलों पर काफी हद तक निर्भर करेगी।
निवेशकों की नजर अब इन संकेतकों पर
सोने के बाजार में आने वाले दिनों में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड, महंगाई के आंकड़े और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से जुड़े संकेत महत्वपूर्ण रहेंगे। डॉलर में मजबूती जारी रहती है तो सोने पर दबाव बना रह सकता है, जबकि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ने पर सोने को फिर से समर्थन मिल सकता है।

