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भोपाल · 24-08-2026

खेती में नए प्रयोग से युवाओं को रोजगार और बेहतर आय के अवसर: CM मोहन यादव

भोपाल के युवा संवाद में CM मोहन यादव ने कृषि नवाचार, पॉलीहाउस, मशरूम, पशुपालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की बात कही। संभाग और जिला स्तर पर कृषि नवाचार संवाद होंगे।

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समाचार डेस्क · 24-08-2026
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खेती में नए प्रयोग से युवाओं को रोजगार और बेहतर आय के अवसर: CM मोहन यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार का फोकस सिंचाई का विस्तार करने के साथ किसानों को खेती के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है। उन्होंने कहा कि आज खेती केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं है। नई फसलें, आधुनिक कृषि मशीनरी, उद्यानिकी, जैविक खेती और कृषि आधारित कारोबार के जरिए युवा कृषि क्षेत्र में बेहतर आय के अवसर तलाश सकते हैं।

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मुख्यमंत्री सोमवार को भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए संभाग और जिला स्तर पर कृषि नवाचार संवाद आयोजित करने की घोषणा की।

कृषि विद्यार्थियों से लेकर स्टार्टअप तक होंगे शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि नवाचार संवाद में कृषि विद्यार्थी, वैज्ञानिक, किसान, स्टार्टअप, युवा उद्यमी और कृषि क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय जरूरतों के अनुरूप खेती में नए प्रयोग, आधुनिक तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा कि युवाओं की नई सोच और तकनीकी ज्ञान को कृषि से जोड़कर खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

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पॉलीहाउस से मशरूम तक कम जमीन में कमाई के विकल्प

मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि कम जमीन में भी बेहतर आय हासिल करने के लिए उद्यानिकी और कृषि से जुड़ी गतिविधियों को अपनाया जा सकता है।

उन्होंने पॉलीहाउस में फूलों की खेती, मशरूम उत्पादन, मोती पालन और मधुमक्खी पालन जैसे विकल्पों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमें से कुछ गतिविधियां छोटे स्तर पर शुरू की जा सकती हैं और कुछ काम घर के एक कमरे से भी शुरू किए जा सकते हैं।

इसके अलावा खेती के साथ पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन और मत्स्य पालन को जोड़कर किसान अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकते हैं।

दूध उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश दूध उत्पादन के क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है। दुग्ध उत्पादन को और बढ़ाने के लिए सरकार ने एनडीडीबी के साथ समझौता किया है।

उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य हर साल एक लाख गिर नस्ल की बछिया तैयार करना है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत करीब 43 लाख रुपये की लागत से 25 गायों की डेयरी स्थापित करने पर 10 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।

मत्स्य पालन में भी युवाओं के लिए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए मछली बीज उत्पादन की तीन हैचरियां शुरू की गई हैं। इससे दूसरे राज्यों से मछली बीज मंगाने पर निर्भरता कम होगी।

स्थानीय स्तर पर मछली बीज उपलब्ध होने से मत्स्य पालन से जुड़े युवाओं और किसानों को नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

एक फसल पर निर्भर न रहें किसान

मुख्यमंत्री ने किसानों से एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय बहुफसली खेती और वैकल्पिक कृषि गतिविधियों को अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को बेहतर दाम, बोनस और भावांतर जैसी योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध करा रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक खेती के साथ कृषि आधारित अन्य गतिविधियों को भी बढ़ावा देना जरूरी है।

कृषि उद्यमिता से नई कृषि क्रांति की उम्मीद

कार्यक्रम में खेल, युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि युवाओं को कृषि और कृषि आधारित उद्यमिता से जोड़ने की पहल प्रदेश में नई कृषि क्रांति की नींव बन सकती है।

युवा संवाद में कृषि महाविद्यालयों के विद्यार्थी, वैज्ञानिक, स्टार्टअप प्रतिनिधि, युवा सरपंच, शोधकर्ता और कृषि क्षेत्र में नवाचार करने वाले युवा शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि में तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार और किसानों के लिए अतिरिक्त आय के नए रास्ते तैयार किए जा सकते हैं।

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