‘बाजीगर’ में शाहरुख खान के बचपन का किरदार निभाने वाले सुमीत पाठक अब कहां हैं?
‘बाजीगर’ में शाहरुख खान के बचपन का किरदार निभाने वाले सुमीत पाठक अब एक्टिंग से दूर हैं। जानिए फिल्मों, टीवी और डबिंग के बाद उनका नया सफर।


बॉलीवुड में कई ऐसे बाल कलाकार रहे हैं, जिन्होंने छोटी उम्र में अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। इन्हीं कलाकारों में एक नाम सुमीत पाठक का भी है। सुमीत ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट फिल्मों में कदम रखा और महज कम उम्र में ही फिल्म ‘बाजीगर’ में शाहरुख खान के बचपन का किरदार निभाकर अपनी पहचान बना ली थी।
हालांकि, एक समय फिल्मों और टीवी पर नजर आने वाले सुमीत पाठक अब एक्टिंग की दुनिया से दूर हैं। उन्होंने मनोरंजन उद्योग से पूरी तरह दूरी बनाने के बजाय अपनी दिशा बदलते हुए कंटेंट, भाषा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम शुरू किया।
‘एक लड़का एक लड़की’ से शुरू हुआ फिल्मी सफर
सुमीत पाठक ने साल 1992 में रिलीज हुई फिल्म ‘एक लड़का एक लड़की’ से बाल कलाकार के तौर पर अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इसके अगले ही साल उन्हें अब तक की सबसे चर्चित भूमिकाओं में से एक मिली।
साल 1993 में रिलीज हुई शाहरुख खान की फिल्म ‘बाजीगर’ में सुमीत ने शाहरुख के किरदार अजय मल्होत्रा के बचपन की भूमिका निभाई थी। फिल्म में उनका स्क्रीन टाइम भले ही सीमित था, लेकिन उनके अभिनय ने दर्शकों का ध्यान खींचा।
इस भूमिका के लिए सुमीत को बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में बतौर बाल कलाकार काम किया और इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई।
इन फिल्मों में भी आए नजर
‘बाजीगर’ के बाद सुमीत पाठक साल 1994 में ‘इक्के पे इक्का’ में नजर आए। इसके बाद 1996 में उन्होंने ‘राजकुमार’ और ‘माहिर’ जैसी फिल्मों में काम किया।
फिल्मों में काम करने के साथ-साथ सुमीत ने अपनी पढ़ाई और अभिनय प्रशिक्षण भी जारी रखा। उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ ड्रामा से ट्रेनिंग ली और क्लासिकल डांस भी सीखा।
बड़े होने के बाद भी उनका फिल्मों से रिश्ता बना रहा। साल 2002 में वह सलमान खान की फिल्म ‘तुमको न भूल पाएंगे’ में नजर आए, जिसमें उन्होंने सलमान खान के भाई का किरदार निभाया था। इसके बाद 2004 में रिलीज हुई ‘टार्जन: द वंडर कार’ में भी उन्होंने अभिनय किया।
टीवी से मिली नई पहचान
फिल्मों के बाद सुमीत पाठक ने टेलीविजन का रुख किया। उन्हें बच्चों के बीच लोकप्रिय रहे शो ‘हीरो-भक्ति ही शक्ति है’ से खास पहचान मिली। साल 2005 से 2007 तक प्रसारित हुए इस शो में उन्होंने जॉय सहगल का किरदार निभाया था।
एक्टिंग के साथ सुमीत ने डबिंग की दुनिया में भी काम किया। उन्होंने कई लोकप्रिय कार्टून और एनिमेशन शोज के हिंदी वर्जन के लिए अपनी आवाज दी। ‘ऑस्वाल्ड’, ‘पावर रेंजर्स’, ‘रिची रिच’ और ‘बेब्लेड’ जैसे शोज से भी उनका जुड़ाव रहा।
पत्नी के साथ शुरू की ‘गुलमोहर मीडिया’
समय के साथ सुमीत पाठक ने एक्टिंग से दूरी बनाकर कंटेंट और टेक्नोलॉजी की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने अपनी पत्नी श्वेता पाठक के साथ मिलकर ‘गुलमोहर मीडिया’ की शुरुआत की।
कंपनी का फोकस कंटेंट को अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध कराने, भाषा रूपांतरण और कंटेंट क्रिएशन से जुड़े काम पर रहा। सुमीत ने मनोरंजन उद्योग में अपने अनुभव को नई तकनीक और भाषाई जरूरतों के साथ जोड़ते हुए इस क्षेत्र में अपनी नई पहचान बनाई।
बताया जाता है कि कंपनी के स्टूडियो देश के कई शहरों में मौजूद हैं और अलग-अलग भाषाओं के कंटेंट पर काम किया जाता है।
‘सत्यमेव जयते’ से भी जुड़ा रहा सफर
सुमीत की कंपनी को आमिर खान प्रोडक्शंस के चर्चित शो ‘सत्यमेव जयते’ से जुड़े काम के जरिए भी पहचान मिली। इसके बाद कंटेंट लोकलाइजेशन और भाषा से जुड़े क्षेत्र में कंपनी का काम आगे बढ़ा।
वर्तमान में गुलमोहर मीडिया भारतीय एनीमे प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कंटेंट को दक्षिण-पूर्व एशिया के दर्शकों के लिए तैयार करने जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है।
यानी कभी पर्दे पर शाहरुख खान के बचपन का किरदार निभाकर पहचान बनाने वाले सुमीत पाठक ने कैमरे के सामने की दुनिया से दूरी जरूर बनाई, लेकिन मनोरंजन उद्योग को छोड़ा नहीं। उन्होंने अभिनय के अनुभव को कंटेंट, भाषा और टेक्नोलॉजी के साथ जोड़कर अपने करियर को एक नई दिशा दी।
