Khargone News:41 लाख से अधिक के गबन से सहकारी बैंक में हड़कंप, कैशियर और सहायक गणक निलंबित

खरगोन जिले की सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में उस समय हड़कंप मच गया जब खरगोन जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित की ठिबगांव शाखा में 41 लाख 58 हजार रुपये से अधिक की नगद राशि के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया। मामले का खुलासा नियमित कैश मिलान और भौतिक सत्यापन के दौरान हुआ, जिसके बाद बैंक प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शाखा में पदस्थ कैशियर रितु गोयल और सहायक गणक त्रयम्बक वाणी को निलंबित कर दिया है।

जानकारी के अनुसार 25 मई 2026 को शाखा में नियमित प्रक्रिया के तहत नगद राशि का मिलान किया जा रहा था। इसी दौरान अभिलेखों में दर्ज राशि और वास्तविक कैश में बड़ा अंतर पाया गया। जांच में करीब 41 लाख 58 हजार रुपये की कमी सामने आई, जिससे बैंक अधिकारियों के होश उड़ गए।

बताया जा रहा है कि कैश मिलान के दौरान जब अधिकारियों ने कैशियर रितु गोयल से संपर्क करने का प्रयास किया तो वह दोपहर बाद बिना किसी पूर्व सूचना के शाखा से अनुपस्थित मिलीं। इतना ही नहीं, उनके मोबाइल फोन भी बंद पाए गए, जिससे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया।

घटना की जानकारी मिलते ही बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया। शाखा में तत्काल पंचनामा तैयार कराया गया तथा पूरे मामले की सूचना जैतापुर पुलिस थाना को देकर जांच शुरू कराई गई। पुलिस और बैंक प्रशासन अब संयुक्त रूप से मामले की तह तक पहुंचने में जुटे हैं।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि शाखा स्तर पर नकद हस्तांतरण और संयुक्त निरीक्षण से जुड़ी निर्धारित प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। इसी लापरवाही के कारण बड़ी नकद राशि लंबे समय तक एक ही कर्मचारी के पास बनी रही, जिससे वित्तीय अनियमितता की आशंका और मजबूत हो गई है।

बैंक की मुख्य कार्यपालन अधिकारी संध्या रोकड़े ने मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता बताते हुए कहा कि बैंक प्रशासन किसी भी दोषी को बख्शेगा नहीं। विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल इस पूरे मामले ने सहकारी बैंकिंग व्यवस्था की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच और विभागीय कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह मामला अकेले गबन का है या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका भी शामिल है।

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