
उज्जैन/देवास, 11 अप्रैल 2026। मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। देवास जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एच.एस. भारती को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उज्जैन संभाग के आयुक्त द्वारा जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं
प्रशासनिक जांच में पाया गया कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शासन के भंडार क्रय नियमों का पालन किए बिना लाखों रुपये का भुगतान किया गया। जांच के दौरान कई मामलों में वित्तीय प्रक्रिया का उल्लंघन, बिना टेंडर कार्य कराना और नियम विरुद्ध भुगतान सामने आया।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए प्राप्त राशि के उपयोग में गड़बड़ी पाई गई।
परिवहन, टेंट हाउस और अन्य व्यवस्थाओं के लिए भुगतान बिना ई-टेंडर/निविदा प्रक्रिया के किया गया।
स्कूलों के रखरखाव और अन्य कार्यों में भी नियमों को दरकिनार कर खर्च किया गया।
कंप्यूटर खरीद और वाहन मरम्मत जैसे मामलों में भी भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया।
करोड़ों के भुगतान पर सवाल
जांच में सामने आया कि विभिन्न मदों में लाखों रुपये का भुगतान बिना उचित प्रक्रिया के किया गया। कुछ मामलों में अग्रिम राशि भी दी गई, जबकि उसका कोई वैधानिक प्रावधान नहीं था। इससे पूरे वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
निलंबन आदेश जारी
इन आरोपों को गंभीर मानते हुए आयुक्त ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 और वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए एच.एस. भारती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, उज्जैन संभाग रहेगा।
अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया
आदेश के अनुसार, अजय मिश्रा, जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केंद्र देवास को आगामी आदेश तक जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार सौंपा गया है।
प्रशासन सख्त, आगे और कार्रवाई संभव
इस पूरे मामले ने शिक्षा विभाग में वित्तीय पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच के आधार पर आगे और भी जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती