मुलताई (बैतूल)। बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में काम के दौरान दम घुटने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने के प्रयास में उतरा एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक के भीतर कार्य के दौरान अचानक दो मजदूर बेहोश होकर गिर पड़े। बताया जा रहा है कि दोनों सगे भाई थे। उन्हें बाहर निकालने के प्रयास में एक अन्य मजदूर भी टैंक के भीतर उतरा, लेकिन वह भी जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण प्रभावित हो गया।
स्थानीय लोगों और अन्य मजदूरों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और तीनों को टैंक से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने दो सगे भाइयों को मृत घोषित कर दिया। तीसरे मजदूर की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका उपचार जारी है।
जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी बनी मौत की वजह
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि सेप्टिक टैंक के भीतर जहरीली गैस जमा थी या फिर वहां ऑक्सीजन का स्तर अत्यंत कम था। इसी कारण मजदूरों का दम घुट गया और यह दुखद हादसा हो गया। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार सेप्टिक टैंक, कुओं और बंद स्थानों में बिना सुरक्षा उपकरणों के प्रवेश करना बेहद खतरनाक होता है। ऐसे स्थानों पर मीथेन, हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसें जमा हो सकती हैं, जो कुछ ही मिनटों में व्यक्ति को बेहोश कर सकती हैं।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और गैस जांच की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती, तो संभवतः यह हादसा टाला जा सकता था।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में शोक की लहर
एक ही परिवार के दो सगे भाइयों की मौत से गांव और क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना ने मजदूर सुरक्षा और कार्यस्थलों पर आवश्यक सावधानियों को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।
स्थानीय लोगों ने मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता देने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।