आधुनिक GNSS रोवर तकनीक से होगा जमीनी सीमांकन, राजस्व कार्यों में बढ़ेगी पारदर्शिता

माखननगर में राजस्व निरीक्षकों एवं पटवारियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

माखननगर। राजस्व विभाग के सीमांकन कार्यों को अधिक सटीक, पारदर्शी और विवादमुक्त बनाने की दिशा में नर्मदापुरम जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर नर्मदापुरम के विशेष प्रयासों से जिले को राज्य स्तर से तीन अत्याधुनिक GNSS (Global Navigation Satellite System) रोवर मशीनें प्राप्त हुई हैं। इन मशीनों के उपयोग से भूमि सीमांकन, नक्शा परियोजनाओं एवं नगरीय सर्वेक्षण कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आने की उम्मीद है।

इसी क्रम में माखननगर में जिले के राजस्व निरीक्षकों एवं पटवारियों के लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें आधुनिक रोवर तकनीक के संचालन और उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।

सेंटीमीटर स्तर तक सटीक माप देगी मशीन

GNSS रोवर मशीन राजस्व विभाग, सीमांकन कार्यों तथा विभिन्न निर्माण परियोजनाओं में उपयोग होने वाली अत्याधुनिक सैटेलाइट आधारित तकनीक है। यह मशीन पारंपरिक जरीब पद्धति की तुलना में कहीं अधिक सटीक है और लगभग 5 सेंटीमीटर तक की भौगोलिक सटीकता के साथ भूमि की स्थिति दर्ज कर सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक सभी मौसम परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करती है। सैटेलाइट सिग्नल आधारित प्रणाली होने के कारण खराब मौसम अथवा घने वृक्षों वाले क्षेत्रों में भी सटीक रीडिंग प्राप्त की जा सकती है। सीमांकन से संबंधित समस्त जानकारी सीधे टैबलेट में सुरक्षित हो जाती है, जिससे रिकॉर्ड संधारण और निगरानी भी आसान हो जाती है।

निष्पक्ष और विश्वसनीय होगा सीमांकन

सैटेलाइट आधारित तकनीक पर कार्य करने के कारण इस मशीन द्वारा किए गए सीमांकन को पूरी तरह निष्पक्ष और विश्वसनीय माना जाता है। इससे भूमि विवादों में कमी आएगी तथा सीमांकन संबंधी शिकायतों के निराकरण में भी तेजी आएगी।

नई तकनीक का लाभ सड़क, रेलवे, पाइपलाइन एवं अन्य सरकारी विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण कार्यों में भी मिलेगा। साथ ही आम नागरिकों के जमीनी विवादों का त्वरित और सटीक समाधान संभव हो सकेगा।

कलेक्टर ने दिए समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश

प्रशिक्षण समापन कार्यक्रम में कलेक्टर नर्मदापुरम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षणार्थी राजस्व निरीक्षकों एवं पटवारियों से संवाद किया। उन्होंने नई तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए नक्शा परियोजना और सीमांकन कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाया जा सकता है तथा सभी अधिकारियों को इसका अधिकतम लाभ आम जनता तक पहुंचाना चाहिए।

प्रमाण पत्र वितरित किए गए

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रभारी अधिकारी भू-संसाधन एवं अपर कलेक्टर बृजेन्द्र रावत, तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन डॉ. सुरेखा यादव, तहसीलदार माखननगर महेंद्र चौहान, नगर परिषद माखननगर के सीएमओ जी.एस. राजपूत सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पटवारियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रशिक्षणार्थियों ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए जिला प्रशासन एवं कलेक्टर का आभार व्यक्त किया।

नई GNSS रोवर तकनीक के उपयोग से नर्मदापुरम जिले में राजस्व कार्यों की गुणवत्ता में सुधार, सीमांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा भूमि विवादों के त्वरित निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे।

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