भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की आधिकारिक दस्तक से पहले ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। प्रदेश में सक्रिय दो प्रमुख मौसमीय प्रणालियों के प्रभाव से प्री-मानसून गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं। पिछले कई दिनों से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और बादलों की आवाजाही जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को भी प्रदेश के 34 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 1 जून से लगातार किसी न किसी क्षेत्र में वर्षा दर्ज की जा रही है। आगामी कुछ दिनों तक मौसम का यही स्वरूप बना रहने की संभावना है और मानसून के सक्रिय होने तक प्री-मानसून सिस्टम प्रभावी बने रहेंगे।
कई जिलों में हुई बारिश, चली तेज हवाएं
बुधवार को प्रदेश के अनेक जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, कटनी, सतना, मैहर, पन्ना, उमरिया, बैतूल, मंडला, अनूपपुर, शहडोल, जबलपुर, छतरपुर, दमोह, उज्जैन, रतलाम, नरसिंहपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली सहित कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिला। कई स्थानों पर बादल छाए रहने से लोगों को गर्मी से राहत मिली, जबकि कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित भी किया।
बारिश के बीच बरकरार है गर्मी का असर
प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने के बावजूद गर्मी का असर पूरी तरह कम नहीं हुआ है। खजुराहो लगातार दूसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रमुख शहरों में ग्वालियर का तापमान 43.1 डिग्री, जबलपुर 40.5 डिग्री, भोपाल 40.4 डिग्री, उज्जैन 39.5 डिग्री तथा इंदौर 38.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा नौगांव, दतिया, सतना, दमोह और रीवा सहित कई जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे अधिक दर्ज किया गया।
इन जिलों में जारी हुआ बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग ने ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की है।
इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, उज्जैन, देवास, मंदसौर और रतलाम सहित आसपास के क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव बना रहने की संभावना है।
छह जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी
मौसम विभाग ने मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है और तेज हवाओं के साथ ओले गिरने की स्थिति बन सकती है।
इसके अलावा 13 जून को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ जिलों में तेज आंधी की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
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यह है मौसम परिवर्तन की वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में प्रदेश के पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके साथ ही ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है तथा एक अन्य ट्रफ सिस्टम भी प्रभावी बना हुआ है। इन सभी मौसमीय प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण प्रदेश में लगातार बादल, आंधी और बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के मध्य प्रदेश में प्रवेश करने तक मौसम इसी प्रकार उतार-चढ़ाव भरा बना रहेगा और कई जिलों में प्री-मानसून बारिश का दौर जारी रह सकता है।