शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दिपके ने कहा कि यह उनकी ऑनलाइन मौजूदगी के खिलाफ चल रही एक व्यापक “कार्रवाई” का हिस्सा है। उन्होंने लिखा कि पार्टी का आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज हैक हो गया है, उनका निजी इंस्टाग्राम अकाउंट भी प्रभावित हुआ है और ट्विटर अकाउंट को रोक दिया गया है।
दिपके ने अपने पोस्ट में लिखा,
“कॉकरोच जनता पार्टी पर कार्रवाई। इंस्टाग्राम पेज हैक। मेरा निजी इंस्टाग्राम हैक। ट्विटर अकाउंट रोक दिया गया। बैकअप अकाउंट भी हटा दिया गया।”
उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल उनकी टीम की किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंच नहीं है। ऐसे में आगे आने वाली किसी भी पोस्ट को “कॉकरोच जनता पार्टी” का आधिकारिक बयान न माना जाए।
एक सप्ताह में बना सोशल मीडिया सेंसेशन
बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र और आम आदमी पार्टी के पूर्व सहयोगी अभिजीत दिपके ने यह व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान करीब एक सप्ताह पहले शुरू किया था। देखते ही देखते यह प्लेटफॉर्म युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर फॉलोअर्स की संख्या 1.9 करोड़ के पार पहुंच गई थी। सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े मीम्स, ग्राफिक्स और व्यंग्यात्मक पोस्ट बड़ी संख्या में शेयर किए जा रहे थे।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का ट्रेंड उस समय शुरू हुआ जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा कथित तौर पर की गई टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि फर्जी डिग्रियों के सहारे कानूनी पेशे में आने वाले लोगों पर टिप्पणी करते हुए “परजीवी” और “कॉकरोच” जैसे शब्दों का उपयोग किया गया था। हालांकि बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणियों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया और उनका संदर्भ केवल “फर्जी एवं नकली डिग्री” रखने वाले लोगों से था।
इसके बावजूद सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर व्यंग्य और मीम्स की बाढ़ आ गई। इसी दौरान अभिजीत दिपके ने “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से डिजिटल अभियान शुरू किया।
युवाओं के मुद्दों को बनाया केंद्र
कॉकरोच जनता पार्टी की पोस्ट मुख्य रूप से बेरोजगारी, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं की समस्याओं पर आधारित थीं। इन विषयों को व्यंग्यात्मक चुनावी घोषणापत्र और राजनीतिक अभियान की शैली में प्रस्तुत किया गया।
दिपके ने इस आंदोलन को “आलसियों और बेरोजगारों की आवाज” बताया था।
जान से मारने की धमकियों का भी दावा
इससे पहले भी अभिजीत दिपके ने दावा किया था कि उन्हें व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकियां मिली थीं। उन्होंने कथित धमकी भरे संदेशों के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कहा था कि उनसे “कॉकरोच जनता पार्टी” अकाउंट बंद करने या किसी राजनीतिक दल में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है।
फिलहाल सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से चर्चा में है। हालांकि अकाउंट हैकिंग और धमकियों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।