मुंबई। अभिनेता आमिर खान के नाम का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया पर एक कथित धमकी भरा पोस्ट वायरल होने के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस पोस्ट में खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताने वाले व्यक्तियों ने आमिर खान के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए चेतावनी दी है। हालांकि, पोस्ट की प्रामाणिकता की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पोस्ट में आमिर खान का किया गया जिक्र
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि यह संदेश आरज़ू बिश्नोई और टायसन बिश्नोई नामक व्यक्तियों की ओर से जारी किया गया है, जिन्होंने खुद को लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप से जुड़ा बताया है।
पोस्ट में आमिर खान पर “लव जिहाद” को बढ़ावा देने जैसे आरोप लगाए गए हैं और उन्हें कथित तौर पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी जांच एजेंसी ने पोस्ट की सत्यता की पुष्टि की है।
मुंबई पुलिस कर रही जांच
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मुंबई पुलिस वायरल पोस्ट की जांच कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि पोस्ट किस सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया, उसका वास्तविक स्रोत क्या है और क्या उसका संबंध वास्तव में किसी संगठित अपराध गिरोह से है।
फिलहाल, समाचार लिखे जाने तक आमिर खान या उनकी टीम की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। साथ ही पुलिस के पास उनकी ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज होने की भी पुष्टि नहीं हुई है।
पोस्ट में अन्य मामलों का भी जिक्र
वायरल संदेश में राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक नाबालिग लड़की से जुड़े कथित आपराधिक मामले का भी उल्लेख किया गया है। पोस्ट में इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है और कुछ राजनीतिक नेताओं पर आरोपियों का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।
जांच एजेंसियां इस सामग्री की भी जांच कर रही हैं कि इसमें किए गए दावे तथ्यात्मक हैं या नहीं।
दो लोगों को श्रद्धांजलि देने का भी उल्लेख
वायरल पोस्ट के अंत में परवेश और हिमांशु नामक दो व्यक्तियों का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई है। साथ ही कथित तौर पर बदला लेने जैसी बातें भी लिखी गई हैं।
पुलिस इस पूरे संदेश की भाषा, उद्देश्य और स्रोत की तकनीकी जांच कर रही है।
जांच पूरी होने तक नहीं हुई किसी दावे की पुष्टि
पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल पोस्ट की सत्यता को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां साइबर माध्यमों से पोस्ट के स्रोत और उससे जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।
जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, वायरल पोस्ट में किए गए दावों को प्रमाणित नहीं माना जा सकता। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अपुष्ट और भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

