महाविद्यालय में शिक्षक–अभिभावक संवाद कार्यक्रम आयोजित, विद्यार्थियों की प्रगति पर हुई सार्थक चर्चा

माखननगर। मध्य प्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रदेशभर के सभी महाविद्यालयों में शिक्षक–अभिभावक संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला में गुरुवार को श्री माखनलाल चतुर्वेदी शासकीय महाविद्यालय माखननगर में संवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन, अनुशासन, उपस्थिति और गतिविधियों की जानकारी अभिभावकों तक पहुँचाना तथा महाविद्यालय और परिवार के बीच समन्वय स्थापित करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंच संचालन कर रहे डॉ. धर्मेंद्र सिंह चौहान ने अभिभावकों का संवेदनापूर्ण स्वागत करते हुए किया। उन्होंने कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रम विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिससे अभिभावक सीधे शिक्षकों से बातचीत कर अपने बच्चों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीता चौबे ने अपने संबोधन में सभी अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा केवल महाविद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि अभिभावक और शिक्षक मिलकर विद्यार्थी के भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि समय–समय पर ऐसे संवाद कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए ताकि महाविद्यालय की गतिविधियों, योजनाओं और विद्यार्थियों की उपलब्धियों से अभिभावक अवगत हो सकें।

इस दौरान अभिभावक प्रतिनिधि श्रीमती निराजंना दुबे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र–छात्रा को अपने अभिभावकों को महाविद्यालय में होने वाले संवाद कार्यक्रम में अवश्य लाना चाहिए, क्योंकि इससे अध्ययन, अनुशासन और भविष्य की दिशा तय करने में मदद मिलती है।

स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत M4U संस्था द्वारा आयोजित परीक्षा में चयनित विद्यार्थियों को कार्यक्रम में मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। संस्था की ओर से चयनित विद्यार्थियों को एक वर्षीय निःशुल्क पाठ्यक्रम में प्रवेश का आमंत्रण भी दिया गया, जिससे विद्यार्थियों के करियर निर्माण में नई संभावनाएँ खुलेंगी।

इसी क्रम में जिला स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता में संभाग स्तर पर चयनित कुमारी चांदनी यादव तथा जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली अन्य खो-खो खिलाड़ियों को भी उनके अभिभावकों सहित सम्मानित किया गया। यह सम्मान विद्यार्थियों के खेल कौशल और निरंतर मेहनत के प्रति प्रेरणा का स्रोत रहा।

कार्यक्रम में डॉ. अमिताभ शुक्ला, प्रो. डी.एस. खत्री, पीपीओ डॉ. छमा मेहरा, डॉ. कविता दुबे, डॉ. राजकुमार पटवा, कुमारी शिवानी मालवीय समेत महाविद्यालय का पूरा स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

अंत में कार्यक्रम का समापन अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सकारात्मक संवाद के साथ हुआ, जहां विद्यार्थियों की शैक्षणिक स्थिति, सुधार की संभावनाएँ और भविष्य की योजनाओं पर सार्थक चर्चा की गई। महाविद्यालय प्रशासन का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि अभिभावक–शिक्षक–विद्यार्थी के बीच मजबूत संबंध भी स्थापित करते हैं।

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