
माखननगर। श्री माखनलाल चतुर्वेदी शासकीय महाविद्यालय, माखननगर में ‘नारी शक्ति वंदन’ पखवाड़े के अंतर्गत महिलाओं के कानूनी अधिकारों पर केंद्रित एक विशेष व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रभारी प्राचार्य डॉ. आई.एस. कनेश के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें नारीशक्ति वंदन अधिनियम 2023 के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन के साथ हुई। राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) की स्वयंसेविकाओं ने तिलक लगाकर अतिथियों एवं उपस्थितजनों का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पार्षद श्रीमती निरंजना दुबे ने महिलाओं के कानूनी अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि जब तक महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होंगी, तब तक उनका शोषण होता रहेगा। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर और सजग बनने का आह्वान किया।
स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. क्षमा मेहरा ने कार्यस्थल पर लैंगिक समानता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “समान कार्य के लिए समान वेतन” संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है, जिसकी जानकारी हर महिला को होना आवश्यक है। उन्होंने वर्तमान सरकार के नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम को सराहनीय बताया।
डॉ. आकांक्षा यादव ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच साइबर सुरक्षा को एक गंभीर विषय बताते हुए महिलाओं को डिजिटल सतर्कता अपनाने की सलाह दी। वहीं समाजशास्त्र की प्रो. शिवानी मालवीय ने सामाजिक बंधनों के कारण बालिकाओं द्वारा पढ़ाई छोड़ने की प्रवृत्ति को चिंताजनक बताया।
डॉ. सुमन अवस्थी ने नारी को देवी स्वरूप बताते हुए उसके सम्मान और संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। प्रो. मंजू मेहरा ने महिलाओं को उनके अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक रहने की बात कही।
डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि समाज और राष्ट्र के विकास में नारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और हर पुरुष की सफलता के पीछे नारी का योगदान होता है। वहीं डॉ. राजकुमार पटवा ने बेटियों को खेलकूद गतिविधियों में आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र सिंह चौहान ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. कविता दुबे ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।