मोहन यादव की किसान हितैषी नीतियों और मंडी बोर्ड की सक्रियता के चलते कृषि उपज मंडी समिति चौरई से जुड़े 64 किसानों को बड़ी राहत मिली है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने किसानों को उनकी उपज के बदले 96 लाख 51 हजार 500 रुपये के भुगतान के आदेश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों की उपज का एक-एक दाना कीमती है और मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता तथा समय पर भुगतान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
फर्म द्वारा भुगतान नहीं करने पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, कृषि उपज मंडी समिति चौरई में पंजीकृत अनुज्ञप्तिधारी फर्म “ज्ञाताश्री ट्रेडर्स” द्वारा किसानों से खरीदी गई अधिसूचित कृषि उपज का भुगतान नहीं किया गया था। मामले की जानकारी मिलते ही मंडी समिति ने त्वरित कार्रवाई शुरू की।
न्यायालय तहसीलदार चौरई द्वारा फर्म से राशि वसूली के लिए आरआरसी जारी की गई, जिसके बाद 96,51,500 रुपये की राशि वसूल कर मंडी समिति के खाते में जमा कराई गई।
मंडी सचिवों को जारी हुए विशेष निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंडी बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की सभी मंडी समितियां यह सुनिश्चित करें कि किसानों के भुगतान में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। खरीदी गई कृषि उपज का भुगतान निर्धारित समय-सीमा में कराया जाए।
मंडी बोर्ड द्वारा प्रदेश के सभी मंडी सचिवों को विशेष निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि किसान हित सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उच्च न्यायालय के आदेशानुसार किसानों को भुगतान की प्रक्रिया कृषि उपज मंडी समिति चौरई द्वारा तय समय-सीमा में पूरी की जाएगी।