भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषित किए। इस वर्ष 10वीं कक्षा का परिणाम 73.42 प्रतिशत और 12वीं का परिणाम 76.01 प्रतिशत रहा। खास बात यह रही कि दोनों ही परीक्षाओं में छात्राओं ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए बाजी मारी। 12वीं का परिणाम पिछले 16 वर्षों में सर्वश्रेष्ठ बताया गया है।
हाईस्कूल परीक्षा में पन्ना जिले के गुनौर स्थित सरस्वती ज्ञान मंदिर की छात्रा प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं हायर सेकेंडरी (कॉमर्स) वर्ग में खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने 494 अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में स्थान बनाया।
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जनजातीय जिलों और सरकारी स्कूलों का शानदार प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने परिणाम को “सुखद और गौरवशाली” बताते हुए कहा कि इस बार जनजातीय जिलों के विद्यार्थियों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। संसाधनों की कमी और दूरस्थ परीक्षा केंद्रों जैसी चुनौतियों के बावजूद छात्रों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने निजी स्कूलों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। साथ ही नकल के मामलों में कमी आना भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है, जो परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार का संकेत है।
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को नारी सशक्तिकरण को समर्पित करते हुए कहा कि बेटियों ने एक बार फिर साबित किया है कि वे हर क्षेत्र में आगे हैं।
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नई शिक्षा नीति का दिखा असर
सीएम ने कहा कि नरेंद्र मोदी द्वारा लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। अब असफल छात्रों का वर्ष खराब नहीं होता, बल्कि उन्हें दोबारा अवसर मिल रहा है।
असफल छात्रों को मिलेगा दोबारा मौका
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि जिन विद्यार्थियों का परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं आया है, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे छात्रों के लिए 5 मई के बाद पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिससे वे अपना वर्ष बचा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और अनुशासन के साथ संपन्न किया गया। कैमरों और तकनीकी व्यवस्थाओं के माध्यम से निगरानी रखी गई तथा परिणाम जारी करने से पहले व्यापक स्तर पर क्रॉस-चेकिंग और वेरिफिकेशन सुनिश्चित किया गया।
मंत्री ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा पर विशेष फोकस किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं।