इंदौर।जिले में मिलावटखोरी के खिलाफ चल रहे अभियान को अब और अधिक सख्ती के साथ लागू किया जाएगा। कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के प्रावधानों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।
अमानक खाद्य पर कड़ी कार्रवाई
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी प्रतिष्ठान में खाद्य सामग्री अमानक पाई जाती है तो तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
- अस्वच्छ वातावरण में खाद्य निर्माण मिलने पर प्रतिष्ठान सील किए जाएंगे
- जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी
- नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग की प्रक्रिया जारी रहेगी
यह निर्णय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर शिवम वर्मा ने की।
मौसमी खाद्य पदार्थों पर विशेष निगरानी
प्रशासन ने गर्मी के मौसम को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
आइस्क्रीम, जूस और अन्य मौसमी खाद्य पदार्थों के विक्रय केंद्रों की नियमित जांच की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
विद्यार्थी क्षेत्रों पर फोकस
प्रशासन का विशेष ध्यान भंवरकुआ और गीता भवन जैसे छात्र-बहुल क्षेत्रों पर है। यहां बड़ी संख्या में बाहर से आए छात्र रहते हैं, इसलिए इन इलाकों में खाद्य गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही जन-जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।
4 माह में बड़ी कार्रवाई
प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, 1 दिसंबर 2025 से अब तक:
- 545 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया
- 1131 नमूने लिए गए
- इनमें से 222 नमूने दूध एवं दुग्ध उत्पादों के थे
- 15 से अधिक बड़ी कार्रवाईयां की गईं
- हजारों किलो और लीटर संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त की गई
- कई दुकानों को तत्काल बंद कराया गया
- कई मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया
स्वास्थ्य सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इसके लिए निर्माण स्थलों पर स्वच्छता सुनिश्चित करने के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।