Indore News:मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद गंभीर नदी पुनर्जीवन अभियान को मिली रफ्तार, प्रशासन ने शुरू की व्यापक तैयारी

इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर पवित्र जानापाव धाम से की गई गंभीर नदी पुनर्जीवन की घोषणा अब धरातल पर प्रभावी रूप से आकार लेने लगी है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं और नदी के पुनर्जीवन के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार कर अमल की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

गंभीर नदी के उद्गम क्षेत्र सहित विभिन्न जल संरक्षण संरचनाओं, नदी तटों, प्रस्तावित चेकडैम स्थलों, जलग्रहण क्षेत्र उपचार कार्यों तथा भूजल पुनर्भरण के लिए बड़े स्तर पर योजनाएं बनाई गई हैं। प्रशासन का लक्ष्य जल संरक्षण और भूजल संवर्धन के स्थायी परिणाम सुनिश्चित करते हुए क्षेत्र में जल संकट का प्रभावी समाधान करना है।

इसी क्रम में कलेक्टर शिवम वर्मा ने गंभीर नदी पुनर्जीवन परियोजना के अंतर्गत विभिन्न स्थलों का विस्तृत निरीक्षण कर कार्यों की संभावनाओं और प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए परियोजना को मिशन मोड में संचालित करने पर जोर दिया।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि गंभीर नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि मालवा अंचल की जीवनरेखा है। इसके संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए गंभीर नदी को पुनः अविरल और निर्मल बनाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि नदी तटों पर वृक्षारोपण, जलग्रहण क्षेत्र विकास, कंटूर ट्रेंच, बोल्डर चेकडैम, लूज बोल्डर संरचनाएं, रिचार्ज शाफ्ट, खेत तालाब तथा अन्य जल संरक्षण कार्यों के लिए विस्तृत योजनाएं तैयार की गई हैं। साथ ही मनरेगा, जल गंगा संवर्धन अभियान एवं अन्य विभागीय योजनाओं के अभिसरण से अधिकतम जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।

अधिकारियों द्वारा नदी पुनर्जीवन के लिए ग्रामवार कार्ययोजना तैयार कर ली गई है तथा प्रस्तावित संरचनाओं एवं हस्तक्षेपों की विस्तृत जानकारी संकलित की जा चुकी है। प्रशासन का मानना है कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जनसहभागिता के माध्यम से गंभीर नदी को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

कलेक्टर वर्मा ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि गंभीर नदी पुनर्जीवन अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और क्षेत्र में भूजल स्तर में स्थायी सुधार लाया जा सके। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण ही भविष्य का संरक्षण है। गंभीर नदी का पुनर्जीवन केवल एक सरकारी परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि समाज और प्रशासन मिलकर इस दिशा में कार्य करें तो जल संकट से निपटने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं।

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