माखननगर में विकास और जनसमर्थन का उत्सव: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भव्य स्वागत में राष्ट्रकवि के स्मरण और 101 फुट के तिरंगे की छत्रछाया

नर्मदापुरम । नर्मदापुरम जिले का ऐतिहासिक नगर माखननगर आज प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आगमन पर विकास और जनसमर्थन के अद्भुत संगम का साक्षी बना। राष्ट्रकवि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की जन्मस्थली ने एक भव्य रोड शो और सांस्कृतिक आयोजन के जरिए अपने ‘मुखिया’ का जोशीला और आत्मीय स्वागत किया।

साहित्य और राष्ट्रभक्ति के प्रतीकों से हुआ शुभारंभ:


कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा दादा माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद उन्होंने प्रतिमा परिसर में स्थापित 101 फुट ऊंचे विशाल राष्ट्रीय ध्वज को फहराया। पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान की धुन के बीच यह क्षण गौरव और देशभक्ति की भावना से सभी को सराबोर कर गया। इस अवसर के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए 53 लाख रुपए के प्रांगण ने इस ऐतिहासिक पल को और भी यादगार बना दिया।



फूलों और उल्लास से सजा भव्य रोड शो:
ध्वजारोहण के बाद शुरू हुए भव्य रोड शो ने पूरे नगर को उत्सव में बदल दिया। सैला सुमन मंडल के 24 आदिवासी कलाकारों ने ढोल की थाप पर मनमोहक लोक नृत्य प्रस्तुत किया। सड़कों के दोनों ओर खड़े अपार जनसमूह ने ‘भारत माता की जय’ और राष्ट्रभक्ति के नारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया। लोगों ने मुख्यमंत्री के विशेष सज्जित रथ पर फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया।

समाज के हर वर्ग का आत्मीय स्पर्श:
मुख्यमंत्री ने रास्ते में बने विभिन्न स्वागत मंचों पर रुककर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। भारत विकास परिषद, लायंस क्लब, अल्पसंख्यक मोर्चा, गायत्री परिवार, मीना समाज समेत दर्जनों सामाजिक, व्यावसायिक और सांस्कृतिक संगठनों ने उनका फूलों, फलों और मिठाइयों से तुलादान कर आत्मीय स्वागत किया। इस दौरानविधायक विजय पाल सिंह,सांसद  दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मुख्यमंत्री के साथ रथ में उपस्थित रहे।

विकास के संकल्प और जन-जुड़ाव का अनूठा मिश्रण:


यह कार्यक्रम सिर्फ एक रोड शो नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जनता से सीधे संवाद और जुड़ाव की शैली को दर्शाता था। इसी दिन उन्होंने जिले में 206 करोड़ रुपये से अधिक की 93 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया, जिसमें महाविद्यालय, अस्पताल, सड़कें और जल योजनाएं शामिल हैं। साथ ही, उन्होंने लाड़ली बहनों के साथ सहभोज कर और एक आधुनिक रेस्ट हाउस का उद्घाटन कर विकास के प्रति समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।



माखननगर का यह दिन इतिहास में एक ऐसे अध्याय के रूप में दर्ज होगा, जहां साहित्यिक विरासत का सम्मान, राष्ट्रप्रेम का प्रदर्शन और विकास के नए संकल्प सभी एक साथ मिलकर नए मध्य प्रदेश की तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!