हेल्थ डेस्क। बदलती जीवनशैली, घंटों बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण आजकल कम उम्र में भी पीठ, कमर और हिप्स में दर्द की समस्या आम होती जा रही है। यदि आपको भी बार-बार थकान, मांसपेशियों में कमजोरी या हड्डियों में दर्द महसूस होता है, तो केवल दवाओं या एक्सरसाइज पर निर्भर रहने के बजाय अपनी डाइट पर भी ध्यान देना जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, उबला हुआ काला चना ऐसा पौष्टिक आहार है, जो शरीर को कई आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है। नियमित और संतुलित मात्रा में इसका सेवन मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।
क्यों फायदेमंद है काला चना?
काला चना कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें मौजूद प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस शरीर के समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
मांसपेशियों को देता है मजबूती
काले चने में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, जो मांसपेशियों की मरम्मत और विकास में मदद करता है। नियमित सेवन से शरीर को मजबूती मिल सकती है और कमजोरी कम महसूस होती है।
आयरन की कमी दूर करने में सहायक
आयरन से भरपूर काला चना शरीर में ऑक्सीजन के संचार को बेहतर बनाने में मदद करता है। इससे थकान, कमजोरी और सुस्ती जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।
नसों और मांसपेशियों के लिए लाभकारी
काले चने में मौजूद मैग्नीशियम नसों और मांसपेशियों के सामान्य कार्य को बनाए रखने में सहायक होता है। यह शरीर को सक्रिय और ऊर्जावान रखने में मदद कर सकता है।
हड्डियों को बनाता है मजबूत
फॉस्फोरस हड्डियों और दांतों के लिए आवश्यक खनिज है। काले चने का सेवन शरीर में इसकी पूर्ति करने में मदद करता है, जिससे हड्डियों की मजबूती बनी रहती है।
कैसे करें सेवन?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, काले चने को रातभर पानी में भिगोकर रखें और सुबह उबाल लें।
इसे आप कई तरीकों से खा सकते हैं, जैसे—
- सादा उबला हुआ काला चना
- सलाद के रूप में
- प्याज, टमाटर, हरा धनिया और नींबू मिलाकर हेल्दी स्नैक
रोजाना एक कटोरी या लगभग एक मुट्ठी उबले काले चने का सेवन संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।
अधिक मात्रा में खाने से बचें
हालांकि काला चना पौष्टिक होता है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन कुछ लोगों में गैस, अपच या पेट फूलने जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए शुरुआत कम मात्रा से करें और शरीर की सहनशीलता के अनुसार धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाएं।
स्वस्थ जीवनशैली भी है जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल काला चना खाने से ही पीठ या हिप्स का दर्द पूरी तरह ठीक नहीं होता। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी, सही बैठने की मुद्रा और अच्छी नींद भी हड्डियों एवं मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Denvapost किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

