इंदौर। इंदौर से करीब 40 किलोमीटर दूर चोरल रेंज के रसकुडिया वन क्षेत्र में शनिवार को वन विभाग की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान वनकर्मियों पर हमला कर दिया गया। वन भूमि से कब्जा हटाने पहुंची टीम पर कथित अतिक्रमणकारियों ने पथराव किया, जिससे एक वनकर्मी घायल हो गया, जबकि दो जेसीबी मशीनों और एक सरकारी वाहन के कांच टूट गए।
घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। वन विभाग की शिकायत पर सिमरोल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
10 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जे का आरोप
वन विभाग के अनुसार, चोरल रेंज के रसकुडिया वन क्षेत्र में वन भूमि पर अवैध कब्जे की सूचना मिली थी। आरोप है कि कुछ लोगों ने पेड़ काटकर करीब 10 हेक्टेयर वन भूमि पर खेती की तैयारी शुरू कर दी थी।
सूचना मिलने पर वन विभाग का अमला जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
फसल हटाते ही शुरू हुआ विरोध
बताया गया कि वन विभाग की टीम ने वन भूमि पर बोई गई फसल हटाना शुरू किया तो कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। पहले दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, लेकिन देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कथित अतिक्रमणकारियों ने पथराव शुरू कर दिया।
पथराव इतना तेज था कि वनकर्मियों को जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा।
तलवार और कुल्हाड़ी लेकर दौड़ाने का आरोप
वन विभाग के अनुसार, कुछ लोग तलवार और कुल्हाड़ी लेकर भी मौके पर पहुंच गए और वनकर्मियों को डराने-धमकाने का प्रयास किया। इस दौरान विभाग की दो जेसीबी मशीनों और एक सरकारी वाहन के कांच क्षतिग्रस्त हो गए।
हमले में वन विभाग के कर्मचारी आनंद सिंह घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना के बाद वन विभाग की शिकायत पर सिमरोल थाना पुलिस ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
वन भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी
वन विभाग का कहना है कि वन भूमि पर अवैध कब्जे और पेड़ों की कटाई के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

