
माखन नगर। राष्ट्रीय मत्स्य पालक दिवस के अवसर पर श्री माखनलाल चतुर्वेदी शासकीय महाविद्यालय, माखन नगर में शनिवार को एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं प्रगतिशील मत्स्य पालकों को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों, वैज्ञानिक प्रबंधन तथा शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें इस क्षेत्र में स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीता चौबे ने अपने संबोधन में कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रभावी उपयोग कर उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि की जा सकती है।
संगोष्ठी की मुख्य वक्ता प्राणी शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष सुश्री श्रुतिका कांसकर ने मत्स्य पालन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मत्स्य रोगों की पहचान, उनके बचाव, तालाब के वैज्ञानिक प्रबंधन, पानी की गुणवत्ता बनाए रखने तथा संतुलित आहार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक पद्धति अपनाने से मत्स्य उत्पादन में 30 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीष शर्मा, प्रभारी स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को मत्स्य पालन आधारित स्टार्टअप, उद्यमिता और करियर की संभावनाओं से अवगत कराया तथा इस क्षेत्र में बढ़ती रोजगार संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में रसायन शास्त्र विभाग की सहायक प्राध्यापक सुश्री शीतल वर्मा ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर डॉ. अमिताभ शुक्ला, डॉ. आई.एस. कनेश, मीडिया प्रभारी डॉ. राजकुमार पटवा, डॉ. धर्मेंद्र सिंह चौहान, डॉ. कविता दुबे एवं सुश्री शिवानी मालवीय सहित महाविद्यालय का शिक्षकीय स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

