सतना आग हादसा:सतना की राइस मिल में भीषण आग, कर्मचारी जिंदा जला; हादसे के बाद हाईवे जाम, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

Satna में सोमवार रात एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। सतना-अमरपाटन बाईपास स्थित Vidya Shri Tel Evam Rice Mill में अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। हादसे में एक कर्मचारी जिंदा जल गया, जबकि दूसरा गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने सतना-अमरपाटन मार्ग पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

रात 8 बजे अचानक भड़की आग

जानकारी के मुताबिक सोमवार रात करीब 8 बजे राइस ब्रान ऑयल यूनिट में अचानक आग लग गई। मिल में धान की भूसी यानी कना से तेल निकालने का काम किया जाता है। आग लगते ही पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते आग ने पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर काम कर रहे कर्मचारियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।

अंदर फंसे दो कर्मचारी, एक की मौत

घटना के समय मिल के भीतर मशीन ऑपरेटर दिलावर सिंह और कर्मचारी मुन्नू केवट मौजूद थे। आग लगने के बाद दोनों अंदर फंस गए। बताया जा रहा है कि मुन्नू केवट किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन वह गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

वहीं 45 वर्षीय दिलावर सिंह पिता गोपाल सिंह आग के बीच बाहर नहीं निकल सके और अंदर ही जिंदा जल गए। बताया जा रहा है कि आग इतनी भयावह थी कि उनका शव पूरी तरह झुलस गया। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।

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शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका

प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह विद्युत शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि मिल परिसर में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। उनका कहना है कि फायर सेफ्टी उपकरण पर्याप्त मात्रा में मौजूद नहीं थे, जिसके कारण शुरुआती स्तर पर आग पर काबू नहीं पाया जा सका।

आग बुझाने के लिए तोड़ी गई बाउंड्री

घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम की दमकल टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दमकल कर्मियों को अंदर पहुंचने में भारी परेशानी हुई। हालात को देखते हुए जेसीबी मशीन बुलाकर मिल की बाउंड्री तोड़ी गई, ताकि भीतर तक पहुंचकर आग बुझाई जा सके।

देर रात तक फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां आग बुझाने में जुटी रहीं।

मौत के बाद भड़का आक्रोश

दिलावर सिंह की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण भड़क उठे। बड़ी संख्या में लोग सतना-अमरपाटन हाईवे पर बैठ गए और चक्का जाम कर प्रशासन तथा मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

ग्रामीणों का आरोप था कि मिल प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ है। परिजन मृतक के लिए उचित मुआवजा और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

एसडीएम से विवाद, तनावपूर्ण माहौल

चक्का जाम के दौरान मौके पर पहुंचे सिटी एसडीएम राहुल सिलाडिया की गाड़ी निकालने को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति बन गई। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

स्थिति इतनी बिगड़ गई कि धक्का-मुक्की और मारपीट की नौबत आ गई थी। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और अतिरिक्त बल ने समय रहते हालात को संभाल लिया।

भारी पुलिस बल तैनात

घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार मृतक के परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन आग लगने के कारणों, मिल में मौजूद सुरक्षा इंतजामों और हादसे में संभावित लापरवाही की जांच में जुटे हुए हैं।

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