Bhopal News:भोपाल नगर निगम का नया ‘अटल भवन’ आज से शुरू, एक ही जगह मिलेंगी सभी सुविधाएं

भोपाल नगर निगम का नया मुख्यालय ‘अटल भवन’ गुरुवार से आम नागरिकों के लिए शुरू हो जाएगा। मोहन यादव लिंक रोड नंबर-2 स्थित इस आधुनिक भवन का उद्घाटन करेंगे। करीब 43 करोड़ रुपये की लागत से तैयार आठ मंजिला यह भवन नगर निगम की कार्यप्रणाली को पूरी तरह केंद्रीकृत करेगा।

उद्घाटन समारोह में कैलाश विजयवर्गीय समेत कई मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद रहेंगे।

अब अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं

नए मुख्यालय में नगर निगम के लगभग सभी प्रमुख विभागों को शिफ्ट किया जा रहा है। ग्राउंड फ्लोर पर अत्याधुनिक जनसुविधा केंद्र बनाया गया है, जहां टैक्स जमा करने, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, भवन अनुज्ञा सहित कई सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।

अब तक नगर निगम की विभिन्न शाखाएं आईएसबीटी, माता मंदिर, शाहपुरा और फतेहगढ़ समेत अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रही थीं। नए मुख्यालय के शुरू होने के बाद अधिकांश प्रशासनिक कार्य एक ही परिसर से संचालित किए जाएंगे, जिससे नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।

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ग्रीन टेक्नोलॉजी से लैस है अटल भवन

भोपाल नगर निगम का यह नया मुख्यालय प्रदेश की पहली ऐसी नगरीय निकाय इमारत बताई जा रही है, जिसमें जियोथर्मल तकनीक का उपयोग किया गया है। भवन परिसर में लगाए गए सोलर पैनलों से 300 किलोवाट बिजली उत्पादन होगा।

इसके साथ ही निगम द्वारा नीमच जिला में स्थापित 10.5 मेगावॉट क्षमता वाले सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट का भी लोकार्पण किया जाएगा।

नई बिल्डिंग में जलकार्य, सीवेज, राजस्व, स्वच्छ भारत मिशन, भवन अनुज्ञा, जनसंपर्क, स्वास्थ्य, आईटी, स्मार्ट सिटी, उद्यान, झील प्रकोष्ठ, अतिक्रमण और गोवर्धन परियोजना सहित कई शाखाएं संचालित होंगी। महापौर, निगम अध्यक्ष और निगम कमिश्नर के कार्यालय भी इसी भवन में रहेंगे।

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भवन में सामने आई कुछ कमियां

करीब 5 एकड़ क्षेत्र में निर्मित इस भवन में कुछ तकनीकी और व्यवस्थागत कमियां भी सामने आई हैं। सबसे बड़ी समस्या बड़े मीटिंग हॉल की कमी को लेकर बताई जा रही है। निर्माण के दौरान अलग से विशाल सभागार नहीं बनाया गया, जिसके चलते अब अतिरिक्त जमीन की मांग की गई है। इसके लिए लगभग 10 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

किस मंजिल पर कौन-सा विभाग

  • ग्राउंड फ्लोर – जनसुविधा केंद्र, टैक्स, विवाह पंजीयन, जनसंपर्क
  • पहली से चौथी मंजिल – महापौर कार्यालय, भवन अनुज्ञा, जलकार्य, सीवेज, राजस्व विभाग
  • पांचवीं से सातवीं मंजिल – स्वास्थ्य, आईटी, स्मार्ट सिटी, उद्यान और योजना शाखाएं
  • आठवीं मंजिल – निगम कमिश्नर कार्यालय और स्मार्ट सिटी मुख्यालय

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