भोपाल। मध्य प्रदेश में अप्रैल के आखिरी दिनों में मौसम ने विकराल रूप ले लिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि आंधी और हल्की बारिश भी गर्मी के तेवर को कम नहीं कर पा रही। रविवार को कई हिस्सों में मौसम बदला जरूर, लेकिन तापमान में गिरावट के बजाय पारा और ऊपर चढ़ गया। तेज धूप और उमस के कारण लोगों को दोहरी मार झेलनी पड़ी—एक तरफ झुलसाती गर्मी, दूसरी ओर बेचैन कर देने वाली उमस।
रिकॉर्ड तोड़ रही गर्मी
सबसे ज्यादा असर खजुराहो में देखने को मिला, जहां इस सीजन में पहली बार तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह न सिर्फ इस साल का सबसे अधिक तापमान है, बल्कि यह संकेत भी है कि गर्मी अब चरम पर है।
इंदौर में 6 साल बाद इतनी तेज गर्मी दर्ज की गई, जबकि भोपाल और जबलपुर में 3 साल का रिकॉर्ड टूट गया।
13 जिलों में लू का अलर्ट, रातें भी रहेंगी तपती
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए 13 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। इनमें
उज्जैन, रतलाम, धार, देवास, टीकमगढ़, छतरपुर, मंडला, बालाघाट और छिंदवाड़ा सहित अन्य जिले शामिल हैं।
खास बात यह है कि इंदौर और उज्जैन में “वॉर्म नाइट” की स्थिति रहेगी, यानी रात का तापमान भी सामान्य से काफी अधिक रहेगा। इससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिलेगी।
कुछ जिलों में हल्की राहत, लेकिन असर सीमित
श्योपुर, मुरैना, रीवा, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि, यह राहत अस्थायी रहेगी और अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी का असर जारी रहेगा।
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कई शहरों में 44°C के पार तापमान
रविवार को प्रदेश के 9 से अधिक शहरों में तापमान 44 डिग्री या उससे ज्यादा दर्ज किया गया। प्रमुख तापमान इस प्रकार रहे:
- खजुराहो: 45.0°C
- नौगांव: 44.6°C
- सागर, नर्मदापुरम: 44.4°C
- दमोह: 44.2°C
- श्योपुर, मंडला, दतिया, टीकमगढ़: 44.0°C
- शाजापुर: 43.7°C
- रायसेन, सतना, रतलाम, गुना: 43.6°C
- रीवा, मलाजखंड: 43.5°C
- सीधी: 43.4°C
- बैतूल: 43.0°C
- भोपाल, इंदौर: 43°C
- जबलपुर: 43.5°C
- ग्वालियर: 42.9°C
- उज्जैन: 42.5°C
तेज गर्मी के चलते दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा छा गया और जनजीवन लगभग ठहर सा गया।
आने वाले दिनों में और बढ़ेगी तपिश
मौसम के मौजूदा रुझान संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। पश्चिमी और मध्य मध्यप्रदेश में लू का दायरा और फैलने की संभावना है, जबकि पूर्वी हिस्सों में हल्की बारिश के बावजूद गर्मी का असर बना रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार अप्रैल में ही मई जैसी गर्मी देखने को मिल रही है, जिससे आने वाले हफ्तों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
मध्य प्रदेश में इस समय मौसम दो चरम स्थितियों का सामना कर रहा है—एक ओर लू और भीषण गर्मी, तो दूसरी ओर कहीं-कहीं हल्की बारिश। लेकिन राहत के ये संकेत फिलहाल नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है।