
इंदौर। दूषित पानी की आपूर्ति के कारण स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहे भागीरथपुरा क्षेत्र के निवासियों के लिए राहत की खबर है। नगर निगम ने घोषणा की है कि क्षेत्र के लगभग 30 प्रतिशत हिस्से में आज शाम से नल के माध्यम से स्वच्छ पानी की आपूर्ति फिर से शुरू की जाएगी। हालांकि, पीने के पानी के लिए अभी भी टैंकर पर निर्भर रहने की सलाह दी गई है।
दूषण की वजह और त्वरित कार्रवाई
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि पानी के दूषित होने का कारण एक बोरिंग लाइन का मुख्य पाइपलाइन से जुड़ा होना था, जिसे अब पूरी तरह से हटा दिया गया है। इसके बाद प्रभावित लाइन के पानी के नमूनों की बार-बार जांच की गई और उसे पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही आपूर्ति बहाल करने का निर्णय लिया गया।
भार्गव ने कहा, “हमारी कोशिश है कि नई पानी और ड्रेनेज लाइनों का काम निर्धारित समय से बहुत कम अवधि में पूरा कर लिया जाए।”
सतर्कता और वैकल्पिक व्यवस्था जारी
नगर निगम अभी भी पूरी सतर्कता बरत रहा है। महापौर ने स्पष्ट किया कि नल के पानी का उपयोग सामान्य घरेलू कार्यों के लिए किया जा सकेगा, लेकिन पीने के लिए टैंकर द्वारा वितरित पानी का ही उपयोग करना चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि जिन संकरी गलियों में टैंकर नहीं पहुंच पा रहे हैं, वहां 50 फीट लंबे प्लास्टिक पाइप की मदद से लोगों के घरों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
स्थिति नियंत्रण में
महापौर भार्गव ने दावा किया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और शेष क्षेत्रों में भी शीघ्र ही नियमित जलापूर्ति बहाल करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। यह कदम पिछले कुछ दिनों से चल रही पानी की किल्लत और स्वास्थ्य आशंकाओं के बीच निवासियों के लिए एक बड़ी राहत का सूचक है।