मजार में तोड़फोड़ करने वाला निकला शातिर, पहले से दर्ज हैं 24 अपराध

माखननगर। बागरातवा स्थित हजरत गौरी शाह बादशाह की मजार में हुई तोड़फोड़ की घटना का माखननगर पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने शराब के लिए पैसे तलाशने की नीयत से मजार में प्रवेश किया था। जब उसे वहां कोई नकदी नहीं मिली तो उसने गुस्से में आकर रेलिंग तोड़ दी, धार्मिक सामग्री को क्षतिग्रस्त कर दिया और बैटरी चोरी करने का भी प्रयास किया।

पुलिस के मुताबिक 5 जुलाई को सेमरी हरचंद निवासी सलीम शाह ने माखननगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि अज्ञात व्यक्ति ने हजरत गौरी शाह बादशाह की मजार की रेलिंग तोड़ दी, चादर, कुरान शरीफ सहित अन्य धार्मिक सामग्री को इधर-उधर फेंक दिया और परिसर में रखे सामान के साथ तोड़फोड़ की।

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक साईकृष्णा एस. थोटा (आईपीएस), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन तथा एसडीओपी सोहागपुर संजू चौहान के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने आसपास के साक्ष्यों और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर अमजद उर्फ गोंगा (35) निवासी टांडा मोहल्ला, माखननगर को हिरासत में लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर वारदात करना स्वीकार किया। पुलिस के अनुसार अमजद शराब पीने का आदी है और आर्थिक तंगी के कारण मजार में पैसे मिलने की उम्मीद से पहुंचा था। जब वहां उसे कोई रकम नहीं मिली तो उसने गुस्से में रेलिंग तोड़ दी, धार्मिक सामग्री को नुकसान पहुंचाया तथा बैटरी चोरी करने का प्रयास किया।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध पूर्व से 24 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इस कार्रवाई में एसडीओपी संजू चौहान, थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर सहित माखननगर थाना पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




Bhopal News:जिला बदर आदेश तोड़ने वाले 9 आरोपी गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई

भोपाल। राजधानी भोपाल में कानून व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए क्राइम ब्रांच ने जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने वाले 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर उन्हें संबंधित थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

क्राइम ब्रांच के अनुसार, ऐसे आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिनके खिलाफ पूर्व में जिला बदर की कार्रवाई की जा चुकी है। बावजूद इसके कई आरोपी प्रतिबंध अवधि के दौरान भोपाल जिले की सीमा में प्रवेश कर अवैध गतिविधियां संचालित कर रहे थे।

सूचना मिलने पर क्राइम ब्रांच की टीमों ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान स्टेशन बजरिया, एमपी नगर, कोहेफिजा, श्यामला हिल्स, शाहपुरा और हबीबगंज थाना क्षेत्रों में विशेष सर्चिंग अभियान चलाया गया। कई आरोपी पहचान छिपाकर अलग-अलग स्थानों पर रह रहे थे और पुलिस कार्रवाई से बचने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन सक्रिय मुखबिर तंत्र और सतर्क निगरानी के चलते पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।

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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिला बदर आदेश उन अपराधियों के खिलाफ जारी किया जाता है, जिनकी गतिविधियां क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बनती हैं। ऐसे आदेश का उल्लंघन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और इस प्रकार के मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मनोज उर्फ टुक्की निवासी विजय नगर, इरफान उर्फ तोता निवासी अर्जुन नगर, दानिश खान निवासी हमीदिया अस्पताल कैंपस, शनि उर्फ अंकिता निवासी प्रताप नगर, शाहरुख खान उर्फ अक्कू, सुमित करोसिया निवासी ज्योतिबा फुले नगर, राजू उर्फ बसंत निवासी सौरभ कॉलोनी, बिलाल निवासी अर्जुन नगर और आशीष खेरदे उर्फ आशीष बलाई निवासी इंद्रा नगर मल्टी शामिल हैं।

क्राइम ब्रांच के एडीसीपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने वाले आरोपियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह विशेष अभियान जारी रहेगा।




Mp News:एमपी पुलिस मुख्यालय के सख्त निर्देश, 14 दिन में पूरी करनी होगी प्रारंभिक जांच, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने राज्यभर के पुलिस अधिकारियों के लिए सख्त निर्देश जारी करते हुए प्रारंभिक जांच (Preliminary Enquiry-PE) की समयसीमा तय कर दी है। जारी आदेश के अनुसार, यदि किसी मामले में प्रारंभिक जांच आवश्यक समझी जाती है, तो उसे अधिकतम 14 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि के भीतर यह निर्णय लेना जरूरी होगा कि संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए या नहीं। निर्देशों में कहा गया है कि जांच के नाम पर मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जांच के नाम पर देरी और अवैध वसूली पर रोक

पीएचक्यू ने माना है कि कई मामलों में शिकायतों को लंबित रखकर जांच की आड़ में अवैध वसूली की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह सख्ती की गई है। अब हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।

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थाना प्रभारी पर भी तय हुई जवाबदेही

नए निर्देशों के अनुसार, थाना प्रभारी केवल उन्हीं मामलों में प्रारंभिक जांच शुरू कर सकेंगे, जिनमें सजा तीन से सात वर्ष के बीच निर्धारित है। इसके अलावा, प्रारंभिक जांच शुरू करने से पहले डीएसपी स्तर के अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला

ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले का हवाला देते हुए पुलिस मुख्यालय ने दोहराया है कि संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है। प्रारंभिक जांच केवल सीमित परिस्थितियों में ही की जा सकती है और उसे तय समयसीमा के भीतर पूरा करना होगा।

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न्यायालय की सख्ती के बाद जारी हुए निर्देश

हाल ही में एक मामले में जिला पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न कर उसे केवल जांच के दायरे में रखा गया था, जिस पर न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया। इसके बाद यह निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश भोपाल और इंदौर के पुलिस आयुक्तों सहित सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भेजे गए हैं।

इन निर्देशों के बाद पुलिस विभाग में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं आमजन को भी त्वरित न्याय मिलने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




कोलारस में प्रेमी की हत्या के बाद प्रेमिका ने दी जान, दो मौतों से दहला शिवपुरी

शिवपुरी : मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां प्रेमी की हत्या के कुछ ही दिनों बाद उसकी प्रेमिका ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लगातार दो मौतों से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले कोलारस में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से ही मृतक की प्रेमिका मानसिक तनाव में बताई जा रही थी। परिजनों का कहना है कि वह लगातार परेशान थी और घटना के बाद से ही गुमसुम रहने लगी थी।
इसी बीच, गुरुवार को युवती ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब परिजनों ने उसे फंदे पर लटका देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग और मानसिक आघात से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच क्या संबंध है, इसको लेकर जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि युवक की हत्या के पीछे क्या कारण थे और क्या युवती की आत्महत्या उसी घटना से जुड़ी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे और युवक की मौत के बाद युवती पूरी तरह टूट गई थी। इस दोहरी घटना ने क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बना दिया है।
फिलहाल, कोलारस पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और दोनों घटनाओं के तार जोड़ने का प्रयास कर रही है। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।




“माखननगर में बड़ा फेरबदल: TI अनूप उईके का भोपाल ट्रांसफर, महिला थाना प्रभारी की तैनाती के संकेत”

नर्मदापुरम जिले के माखननगर थाने में बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। थाना प्रभारी अनूप कुमार उईके का स्थानांतरण अब राजधानी भोपाल कर दिया गया है। इस फैसले के बाद क्षेत्र की कानून व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, थाना प्रभारी उईके का कार्यकाल माखननगर में अपेक्षाकृत सक्रिय और सख्त प्रशासनिक रवैये के लिए जाना गया। कई मामलों में उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की कोशिश की। हालांकि, अचानक हुए इस ट्रांसफर ने स्थानीय स्तर पर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

इधर, विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो माखननगर थाने में अब एक महिला थाना प्रभारी (टीआई) की पदस्थापना की जा सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यह क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जाएगा, क्योंकि महिला सुरक्षा और संवेदनशील मामलों में बेहतर कार्यप्रणाली की उम्मीद की जा रही है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि महिला थाना प्रभारी की नियुक्ति से महिला अपराधों के मामलों में पीड़ितों को अधिक सहजता से न्याय मिल सकेगा और पुलिस-जन संवाद भी बेहतर होगा।

हालांकि, अभी तक पुलिस विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि जल्द ही नई पदस्थापना की घोषणा हो सकती है।

अब देखना होगा कि माखननगर को मिलने वाली नई नेतृत्व शैली क्षेत्र की कानून व्यवस्था को किस दिशा में ले जाती है।




फिल्मी अंदाज में ट्रैप: महिला अफसरों ने पकड़ा रिश्वतखोर आरक्षक, थाना प्रभारी हटाए गए

कटनी। कटनी जिले के बहोरीबंद थाना क्षेत्र में अवैध वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोरी का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में महिला पुलिस अधिकारियों ने वेश बदलकर ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया और आरक्षक को रंगे हाथ पकड़ लिया।

वेश बदलकर किया ट्रैप ऑपरेशन

जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि थाना स्टाफ वाहन चालकों से अवैध वसूली कर रहा है। विशेष रूप से ट्रैक्टर चालकों से 500 से 1000 रुपए तक वसूले जा रहे थे।

गंभीरता को देखते हुए प्रशिक्षु डीएसपी शिवा पाठक और एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी के नेतृत्व में टीम गठित की गई।

सोमवार सुबह करीब 5 बजे महिला अधिकारियों ने वेश बदलकर ट्रैक्टर चालक के साथ सफर किया। पहले से चिन्हित 500 रुपए चालक को दिए गए थे।

500 रुपए लेते ही दबोचा

जैसे ही ट्रैक्टर स्लीमनाबाद मोड़ के पास पहुंचा, बहोरीबंद थाने के मोबाइल वाहन चालक आरक्षक लक्ष्मण पटेल ने वाहन रोक लिया और कार्रवाई का भय दिखाकर 500 रुपए की रिश्वत ले ली।

इसी दौरान मौके पर मौजूद महिला अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरक्षक को रंगे हाथ पकड़ लिया। पूरी घटना की वीडियोग्राफी भी की गई।

थाना प्रभारी हटाए, कई निलंबित

इस कार्रवाई के बाद थाना प्रभारी अखिलेश दाहिया को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है।

साथ ही आरक्षक लक्ष्मण पटेल, उपनिरीक्षक संतराम गोटिया और हवलदार रमेश सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

पहले भी मिल चुकी थीं शिकायतें

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि थाना प्रभारी के खिलाफ पहले से कई शिकायतें लंबित थीं। आरोप था कि थाने में आम लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होता और अवैध वसूली का चलन बढ़ गया था।

इससे पहले भी एक मामला सामने आया था, जिसमें ऑनलाइन माध्यम से अवैध वसूली की गई थी। वहीं एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें पुलिसकर्मी पैसे मांगते नजर आए थे।

पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

यह ऑपरेशन न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का जवाब है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि शिकायतों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई की जाएगी।




सिवनी मालवा में लोकायुक्त की बड़ी कार्यवाही : रिश्वत लेते प्रधान आरक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार

सिवनी मालवा । भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में लोकायुक्त संगठन मध्यप्रदेश की टीम ने सिवनी मालवा थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक राजेश परते को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार रात हुई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, सतवासा निवासी रेवाराम प्रजापति का अपने रिश्तेदार से विवाद हुआ था, जिसके बाद उसके खिलाफ थाना सिवनी मालवा में रिपोर्ट दर्ज हुई। आरोप है कि इस मामले को रफा-दफा करने के नाम पर प्रधान आरक्षक राजेश परते ने 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी और लगातार दबाव बना रहा था।

शिकायत के बाद बिछाया जाल 

पीड़ित ने मामले की शिकायत दुर्गेश राठौर (पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त भोपाल) से की। शिकायत का सत्यापन होने के बाद लोकायुक्त टीम ने 26 मार्च 2026 को ट्रैप प्लान तैयार किया।

लोकायुक्त टीम ने योजना के तहत आरोपी को 2200 रुपये की रिश्वत लेते हुए थाना परिसर में ही पकड़ लिया। पूरी कार्रवाई योगेश देशमुख (पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त) के निर्देश और मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई।

किन धाराओं में मामला दर्ज?

आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

इस कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह, निरीक्षक रजनी तिवारी, निरीक्षक घनश्याम मर्सकोले सहित लोकायुक्त की विशेष टीम शामिल रही।




गोवंश ले जा रही पिकअप में अज्ञात लोगों ने लगाई आग, FIR नहीं

नर्मदापुरम। ग्रामीण क्षेत्र में गोवंश परिवहन को लेकर एक गंभीर घटना सामने आई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम डोंडई में गोवंश ले जा रही एक पिकअप वाहन को अज्ञात लोगों द्वारा आग के हवाले कर दिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई, लेकिन अब तक न तो इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है और न ही किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिकअप वाहन गोवंश से भरा हुआ था, जिसे रास्ते में ही घेरकर अज्ञात लोगों ने आग लगा दी। घटना के बाद वाहन पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वाहन में मौजूद गोवंश सुरक्षित थे या नहीं, इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।

घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस की ओर से न तो आरोपियों की पहचान की गई है और न ही किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी गई है। FIR दर्ज न होना कई सवाल खड़े कर रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में गोवंश तस्करी को लेकर पहले भी शिकायतें होती रही हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई के अभाव में ऐसे मामले बार-बार सामने आ रहे हैं। वहीं कुछ ग्रामीणों ने आगजनी की घटना को कानून अपने हाथ में लेने की प्रवृत्ति बताया है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन कब तक इस मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है।




Gwalior News : घर में घुसकर युवती की बेरहमी से हत्या, धारदार हथियार से गला रेतने की आशंका

गिरवाई थाना क्षेत्र के छोटे बाबा की पहाड़िया इलाके की घटना, फोरेंसिक जांच जारी

धारदार हथियार से युवती का काटा गला, मौके पर जांच के लिए फोरेंसिक टीम पहुंची

शहर में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। गिरवाई थाना क्षेत्र के छोटे बाबा की पहाड़िया इलाके में अज्ञात आरोपी ने घर में घुसकर एक युवती की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के समय युवती घर में अकेली थी। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाकर प्रेम प्रसंग समेत कई एंगल से जांच शुरू कर दी है।

टीवी देखते समय हुई वारदात

मृतका की पहचान निशा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम निशा अपने घर के कमरे में टीवी देख रही थी। उसकी मां सुनीता, जो घर-घर झाड़ू-पोंछा का काम करती हैं, दोपहर में काम पर गई हुई थीं। उसी दौरान मां ने फोन कर निशा से बात की थी, जिसमें उसने बताया था कि वह घर पर ही टीवी देख रही है। मां ने जल्दी लौटने और दोनों के साथ मौसी कांता के घर गणेश पूजन में जाने की बात कही थी।

शाम को घर लौटी मां, कमरे में पड़ा मिला शव

शाम करीब 6 बजे जब सुनीता घर पहुंचीं तो कमरे में निशा का शव जमीन पर पड़ा मिला। गले से खून बह रहा था, जिसे देखकर मां के होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल आसपास के लोगों और पुलिस को सूचना दी।

डंडा, पत्थर और धारदार हथियार से हत्या की आशंका

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल से खून से सना डंडा और पत्थर बरामद किया गया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पहले निशा के साथ मारपीट की गई, इसके बाद धारदार हथियार से उसका गला रेतकर हत्या की गई।
दीवार फांदकर घर में घुसा आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी दीवार फांदकर घर में दाखिल हुआ और वारदात को अंजाम देने के बाद उसी रास्ते से फरार हो गया। दीवार के पास पैरों के निशान भी मिले हैं। मौके पर फोरेंसिक टीम पहुंची और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए।
घटना के वक्त घर में अकेली थी निशा
घटना के समय निशा की भाभी मेमो अपने बच्चों के टीकाकरण के लिए आंगनवाड़ी गई हुई थीं, जिससे निशा घर में पूरी तरह अकेली थी। परिजनों ने किसी भी प्रकार की पुरानी रंजिश से इनकार किया है।

20 अप्रैल को तय थी शादी

मृतका की मां ने पुलिस को बताया कि निशा की शादी आगामी 20 अप्रैल को तय थी। इस घटना से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है और इलाके में दहशत का माहौल है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के कारणों को लेकर सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का दावा किया जा रहा है।




‘ऑपरेशन ईगल क्लॉ’ के तहत नरसिंहपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 106 किलो गांजा व 31.55 ग्राम स्मैक जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार

नरसिंहपुर : वैध नशे के कारोबार पर करारा प्रहार करते हुए नरसिंहपुर पुलिस ने शनिवार को ‘ऑपरेशन ईगल क्लॉ’ के तहत बड़ी सफलता हासिल की। जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने 106 किलोग्राम गांजा और 31.55 ग्राम स्मैक जब्त करते हुए दो अंतर्राज्यीय तस्करों समेत कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

हाईवे पर फिल्मी अंदाज में पकड़ा गया गांजा तस्करी का ट्रक

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया के मार्गदर्शन में थाना सुआतला पुलिस टीम ने राजमार्ग चौराहे पर नाकेबंदी की। इस दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस को देखते ही ट्रक चालक ने स्टॉपर को टक्कर मारते हुए वाहन को तेज रफ्तार में बरमान की ओर दौड़ा दिया।

तत्काल सूचना पर बरमान चौकी पुलिस ने भी नाकेबंदी कर ट्रक को चारों ओर से घेर लिया। ट्रक रुकते ही चालक और उसका साथी उतरकर भागने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों को दबोच लिया।

गुप्त बॉक्स में छिपाकर रखा था 106 किलो गांजा

पूछताछ में संतोषजनक जवाब न मिलने पर ट्रक की गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ट्रक के ऊपर विशेष रूप से बनाए गए गुप्त बॉक्स में गांजे के पैकेट बरामद किए गए। कुल 106 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही है।

ओडिशा-छत्तीसगढ़ से भोपाल ले जाया जा रहा था गांजा

गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि गांजा ओडिशा-छत्तीसगढ़ क्षेत्र से लाकर भोपाल ले जाया जा रहा था। आरोपियों की पहचान—

  • शकील खान, निवासी देवरी पार्वती, जिला सीहोर

  • अमन कुशवाहा, निवासी नानकपुर, आष्टा

के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ट्रक और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 20 एवं 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अलग कार्रवाई में स्मैक तस्कर भी गिरफ्तार

इसी क्रम में थाना स्टेशनगंज पुलिस ने अलग कार्रवाई करते हुए एक अन्य आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ा। तलाशी में उसके पास से 31.55 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की गई, जिसकी कीमत करीब 3.5 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी की पहचान आशीष कौरव, निवासी ग्राम कुशमी, थाना करेली के रूप में हुई है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(ए) सहपठित 21(बी) के तहत कार्रवाई की गई है।

नशा तस्करों में हड़कंप, जनता ने की पुलिस की सराहना

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ‘ऑपरेशन ईगल क्लॉ’ के तहत जिले में नशे के अवैध कारोबार पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है और आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस बड़ी कार्रवाई से नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है, वहीं आम नागरिकों ने पुलिस की सक्रियता और तत्परता की जमकर सराहना की है।