फर्जी टीटीई बनकर यात्रियों से वसूली करने वाला दबोचा, इटारसी स्टेशन पर संयुक्त कार्रवाई में 23,500 रुपये नकद समेत कई सामान बरामद


नर्मदापुरम। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा और रेल सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए गए विशेष संयुक्त अभियान में एक फर्जी टिकट जांच कर्मचारी (टीटीई) को गिरफ्तार किया गया। आरोपी ट्रेनों में स्वयं को रेलवे का टिकट जांच कर्मचारी बताकर यात्रियों से पैसे वसूल रहा था।
आरोपी की पहचान अरुण कुमार यादव (54 वर्ष) निवासी सोहागपुर, जिला नर्मदापुरम के रूप में हुई है। उसे इटारसी रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की संयुक्त टीम ने हिरासत में लिया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को ट्रेन संख्या 15018 काशी एक्सप्रेस के सोहागपुर स्टेशन से रवाना होने के बाद स्लीपर कोच में यात्रियों के टिकट जांचते हुए पकड़ा गया। जांच के दौरान वह खुद को टिकट जांच कर्मचारी बताकर यात्रियों से राशि वसूलता पाया गया।
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से दो सील, ₹23,500 नकद, डब्ल्यूसीआरएमएस यूनियन कार्ड, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर का पहचान पत्र, एक प्लास्टिक लाइटर तथा मोबाइल फोन बरामद किए गए। बरामद सामग्री को जब्त कर आरोपी से पूछताछ की जा रही है। रेलवे और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी कब से इस तरह की धोखाधड़ी कर रहा था और क्या उसके साथ अन्य लोग भी इस गिरोह में शामिल हैं।
रेलवे प्रशासन ने इस कार्रवाई को यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे की छवि बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत टिकट जांच कर्मचारियों को ही टिकट दिखाएं और यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति टिकट जांच या पैसे की मांग करता है तो उसकी सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी अथवा रेल मदद हेल्पलाइन 139 पर दें।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और पारदर्शी रेल सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।







कार्य विभाजन के नाम पर जिला मुख्यालय से तहसील भेज दियामनोज कुमार भारद्वाज, सहायक ग्रेड दो, तहसील कार्यालय, नर्मदापुरम को कार्य विभाजन के आधार पर नवंबर 2024 में इटारसी अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में पदस्थ किया गया था। भारद्वाज द्वारा लगातार अभ्यावेदन देने के कारण नर्मदापुरम कलेक्टर ने उन्हें दिनांक 07/03/2025 को इटारसी अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में अटैच कर दिया था।मनोज कुमार भारद्वाज ने इस कथित द्वेषपूर्ण अटैचमेंट आदेश को जबलपुर उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। उनके अधिवक्ता अमित चतुर्वेदी ने उच्च न्यायालय को बताया कि नर्मदापुरम कलेक्टर का आदेश अधिकारिता से परे है, क्योंकि सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी प्रकार के अटैचमेंट पर प्रतिबंध लगा रखा है। कार्य विभाजन या व्यवस्था के आधार पर किसी कर्मचारी को अटैच करना शासन के निर्देशों का उल्लंघन है।कारण बताओ नोटिस जारी करके कर्मचारियों को डराया जा रहा थाजिला कलेक्टर शासन के आदेशों का पालन करने के लिए उत्तरदायी है। किसी कर्मचारी का प्रशासनिक स्थानांतरण नीति के अनुसार हो सकता है, किंतु परेशान करने के उद्देश्य से अटैचमेंट करना नियम-विरुद्ध है। अतः अटैचमेंट आदेश को निरस्त किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, अटैचमेंट आदेश के पालन हेतु भारद्वाज को कारण बताओ नोटिस जारी कर परेशान किया जा रहा है।उच्च न्यायालय, जबलपुर ने अधिवक्ता अमित चतुर्वेदी को सुनने के पश्चात मनोज कुमार भारद्वाज के अटैचमेंट आदेश दिनांक 07/03/2025 को निरस्त कर दिया।