Madhya Pradesh News:मैहर दर्शन जा रहे श्रद्धालुओं की ट्रॉली को ट्रक ने मारी टक्कर, 3 की मौत; थाना प्रभारी समेत 25 से ज्यादा घायल

Maihar के Amdara थाना क्षेत्र में National Highway 30 पर सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। मां शारदा देवी मंदिर दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को एक तेज रफ्तार बेकाबू ट्रक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि अमदरा थाना प्रभारी टीकाराम कुर्मी समेत 25 से अधिक लोग घायल हो गए।

घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

दर्शन यात्रा मातम में बदली

जानकारी के अनुसार Katni जिले के रीठी क्षेत्र का लोधी परिवार और उनके परिचित ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर मां शारदा देवी मंदिर दर्शन के लिए निकले थे। परिवार में धार्मिक यात्रा को लेकर उत्साह का माहौल था, लेकिन यह यात्रा कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई।

बताया जा रहा है कि रात करीब 1:30 बजे जब ट्रैक्टर-ट्रॉली अमदरा थाना क्षेत्र के सुरमा मोड़ के पास पहुंची, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक भारी ट्रक ने ट्रॉली को जोरदार टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहली टक्कर के बाद भी ट्रक चालक नहीं रुका और वाहन को भगाने की कोशिश में उसने ट्रैक्टर-ट्रॉली को दो बार और टक्कर मारी।

सड़क किनारे पलटी ट्रॉली, मची चीख-पुकार

लगातार टक्करों के बाद श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। ट्रॉली में सवार लोग दूर तक सड़क पर जा गिरे और कई लोग उसके नीचे दब गए।

घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए पहुंचे और ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। कई घायल खून से लथपथ हालत में सड़क पर पड़े मिले।

रेस्क्यू के दौरान युवक की मौत

बचाव कार्य के दौरान एक और दुखद हादसा हो गया। घायलों की मदद के लिए पहुंचे एक स्थानीय युवक को भी एक अन्य वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

वहीं ट्रॉली में सवार एक पुरुष श्रद्धालु ने घटनास्थल पर दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल महिला रजनी लोधी को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उनकी भी मौत हो गई।

ये भी पढ़ें- सतना आग हादसा:सतना की राइस मिल में भीषण आग, कर्मचारी जिंदा जला; हादसे के बाद हाईवे जाम, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

थाना प्रभारी भी हुए घायल

घटना की सूचना मिलते ही अमदरा थाना प्रभारी टीकाराम कुर्मी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वह खुद राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक अन्य अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें भी टक्कर मार दी।

हादसे में थाना प्रभारी गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि ट्रक उनके पैर पर चढ़ गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए Jabalpur रेफर किया गया है।

20 से ज्यादा घायल, कई रेफर

हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही NHAI और 108 एंबुलेंस की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। सभी घायलों को तत्काल कटनी जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

डॉक्टरों के अनुसार 20 से अधिक घायल अस्पताल में भर्ती किए गए हैं, जिनमें से 12 की हालत गंभीर होने पर उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

फरार ट्रक चालक की तलाश जारी

अमदरा पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर ट्रक की पहचान करने में जुटी हुई है।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाह भारी वाहनों के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और रात के समय भारी वाहनों की निगरानी बढ़ाने की मांग की है।




मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में दर्दनाक हादसा

डम्पर के नीचे दबने से युवक की मौत, परिजनों का फूटा गुस्सा

शव मिट्टी में दबा मिला, प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप

माखननगर क्षेत्र के मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां एक युवक की डम्पर के नीचे आने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। परिजनों ने मौके पर जमकर हंगामा किया और पुलिस को शव उठाने नहीं दिया। देर शाम तक शव घटनास्थल पर ही रखा रहा और माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक युवक की पहचान अतुल यादव पिता इंदर यादव निवासी मोहासा क्षेत्र के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अतुल सुबह लगभग तीन बजे से घर से लापता था। जब काफी देर तक वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। लगातार संपर्क न होने पर परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई।

इसके बाद परिजनों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मोहासा औद्योगिक क्षेत्र स्थित दावत प्लांट की साइट पर पहुंचकर युवक की तलाश शुरू की। कई घंटों तक चले सर्च अभियान के बाद शाम करीब 5:30 बजे युवक का शव मिट्टी में दबा हुआ मिला। शव की हालत देखकर परिजन बिलख पड़े और मौके पर चीख-पुकार मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक संभवतः डम्पर की चपेट में आ गया था और हादसे के बाद मिट्टी डालकर शव दब जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी आधिकारिक रूप से हादसे के कारणों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन परिजन इसे गंभीर लापरवाही और संदिग्ध परिस्थिति बता रहे हैं।

शव मिलने के बाद मृतक के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन और संबंधित जिम्मेदारों पर लापरवाही के आरोप लगाए। परिजन आरोपियों और फैक्ट्री प्रबंधन को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। उनका कहना था कि जब तक फैक्ट्री के जिम्मेदार अधिकारी घटनास्थल पर आकर स्पष्ट जवाब नहीं देंगे, तब तक शव नहीं उठाने दिया जाएगा।

स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन गुस्साए लोग किसी भी बात को सुनने को तैयार नहीं थे। देर शाम तक घटनास्थल पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और शव वहीं रखा रहा।

ग्रामीणों का आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता। भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, लेकिन सुरक्षा इंतजाम बेहद कमजोर हैं। मजदूरों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर मोहासा औद्योगिक क्षैत्र में कंपनी प्रबंधन गंभीर नजर नहीं आता। लोगो का कहना है कि औद्योगिक क्षैत्र आए दिन हादसे हो रहे है लेकिन प्रसाशन का कोई ध्यान इस और नही है।

घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है। मृतक अतुल यादव को जानने वाले लोग उसे मिलनसार और मेहनती युवक बता रहे हैं। उसकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग उठ रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई परिजनों की सहमति के बाद की जाएगी।

मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद यदि सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई, तो भविष्य में भी ऐसे दर्दनाक हादसे सामने आ सकते हैं। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई और जांच पर टिकी हुई हैं।




भिंड में दर्दनाक सड़क हादसा: बस ने बाइक को 5 किमी तक घसीटा, 3 युवकों की मौत, एक गंभीर

भिंड। भिंड जिला के उमरी इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-552 पर रविवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार बस ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिसमें तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है।

टक्कर के बाद भी नहीं रुकी बस

पुलिस के अनुसार हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे किशोर सिंह के पुरा गांव के पास हुआ। चार युवक एक ही मोटरसाइकिल पर सवार थे, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

हैरानी की बात यह रही कि हादसे के बाद भी बस चालक ने वाहन नहीं रोका। मोटरसाइकिल बस के चेसिस में फंस गई थी, फिर भी चालक उसे करीब 5 किलोमीटर तक घसीटता हुआ ले गया।

चश्मदीदों ने किया पीछा, फिर भी नहीं रुका ड्राइवर

पीछे चल रही एक कार में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बस का पीछा किया और लगातार हॉर्न बजाकर ड्राइवर को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह रफ्तार बढ़ाता रहा। अंततः उमरी कस्बे के पास बस रोकी गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

घटना से बस में सवार यात्रियों में भी दहशत फैल गई। लोग घबराकर बस से उतरने लगे, जिसका फायदा उठाकर चालक मौके से फरार हो गया।

इलाज के दौरान तीसरे युवक की मौत

घायलों को पहले नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान एक और युवक ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या तीन हो गई। चौथा युवक गंभीर हालत में भर्ती है।

एम्बुलेंस की कमी ने बढ़ाई परेशानी

इस हादसे ने आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की पोल भी खोल दी। जानकारी के अनुसार, एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण घायल युवक को करीब एक घंटे तक दर्द में तड़पते हुए इंतजार करना पड़ा। समय पर इलाज न मिलने से स्थिति और गंभीर हो गई।

बस जब्त, आरोपी चालक फरार

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बस को जब्त कर लिया गया है। फिलहाल मृतकों और घायल की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं, क्योंकि घटनास्थल से कोई पहचान पत्र नहीं मिला।
पुलिस ने फरार बस चालक की तलाश तेज कर दी है।

लापरवाही बनी हादसे की वजह

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बस चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही इस हादसे का मुख्य कारण रही। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




MP News: सागर रोड पर पलटी यात्री बस, 11 घायल – 4 की हालत गंभीर

टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिला में मंगलवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। इंदौर से टीकमगढ़ आ रही एक यात्री बस सागर रोड पर अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 11 यात्री घायल हो गए, जिनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना सुबह करीब 8 बजे हुई। बस सागर रोड से गुजर रही थी, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से सड़क किनारे पलट गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बस से बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

जिला चिकित्सालय में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर सिद्धार्थ रावत ने बताया कि कुल 11 घायलों को अस्पताल लाया गया था। इनमें से चार की हालत गंभीर है, जिन्हें भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। घायलों को सिर, हाथ और पैर में चोटें आई हैं।

घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए और मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। कलेक्टर ने अस्पताल प्रशासन को किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश भी दिए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस अचानक असंतुलित हो गई, जिससे चालक नियंत्रण खो बैठा और वाहन पलट गया। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया, जिससे यात्रियों में आक्रोश देखा गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।

प्राथमिक जांच में बस का संतुलन बिगड़ना हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।




Betul News: बैतूल में दर्दनाक सड़क हादसा: दो बाइकों की टक्कर में किसान की मौत, तीन घायल

बैतूल। नागपुर नेशनल हाईवे पर बीती देर रात एक भीषण सड़क हादसे में एक किसान की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा बानूर खापा के पास एक ढाबे के नजदीक हुआ, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

तेज टक्कर में सड़क पर जा गिरे सवार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, झिरी खापा निवासी 36 वर्षीय सुखराम भूरा अपने साथी तुलसीदास मस्कोले के साथ ससुंद्रा क्षेत्र से लौट रहे थे। रास्ते में वे बानूर खापा के पास एक ढाबे पर रुके थे। इसी दौरान देर रात सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों पर सवार लोग सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।

ये भी पढ़ें- MP बोर्ड रिजल्ट कल: सीएम करेंगे घोषणा, 16 लाख छात्रों का इंतजार खत्म

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
हादसे में सुखराम भूरा के सिर में गंभीर चोट आई। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं गणेश सहित अन्य घायलों का इलाज जारी है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
परिजनों के अनुसार, मृतक सुखराम भूरा खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे और परिवार के सबसे बड़े सदस्य थे। उनकी असमय मौत से पूरे परिवार में शोक का माहौल है।

पुलिस जांच में जुटी
सोमवार को जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में एक किसान की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए

परिजन।




Harda News:सिराली में बड़ा हादसा: ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, दो दर्जन मजदूर घायल, कई नाबालिग लड़कियां शामिल

हरदा। जिले के सिराली थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से दो दर्जन से अधिक मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना दोपहर करीब 4 बजे खुदिया और जिनवानिया गांव के बीच हुई।

सूचना मिलते ही डायल 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराली ले जाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया।

तीन मजदूरों की हालत गंभीर

अस्पताल में डॉ. आर के चौधरी और डॉ. रूपेंद्र गुर्जर ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया।
तीन मजदूरों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज सिराली में जारी है।

ये भी पढ़ें- Rajgarh: रामगढ़ PHC में बड़ा फर्जीवाड़ा: बिना एक भी डिलीवरी के जारी हुए 250+ जन्म प्रमाण पत्र, 6 गिरफ्तार

नाबालिग लड़कियां भी हादसे का शिकार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल मजदूरों में अधिकांश नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। ये सभी नीमढाना और पदाल्दा गांव की निवासी बताई जा रही हैं।
मजदूर खुदिया गांव में काम करने के बाद जिनवानिया लौट रहे थे, तभी रास्ते में ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई।

स्टेयरिंग फेल होने की आशंका

प्रारंभिक जांच में ट्रैक्टर का स्टेयरिंग फेल होना या संतुलन बिगड़ना हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि पदाल्दा गांव से करीब 60 मजदूरों को पहले एक पिकअप वाहन में लाया गया था, इसके बाद उन्हें दो अलग-अलग ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठाकर कार्यस्थल तक पहुंचाया गया। इसी दौरान एक ट्रैक्टर हादसे का शिकार हो गया।

पुलिस जांच में जुटी, सुरक्षा पर उठे सवाल

घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।
इस हादसे ने मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था, खासकर नाबालिग श्रमिकों के परिवहन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




Umaria News: कलश विसर्जन के बीच मातम, काली नृत्य करते युवक की मंच पर मौत, गांव में शोक

उमरिया। जिले की जनपद पंचायत करकेली अंतर्गत ग्राम पठारी में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित कलश विसर्जन कार्यक्रम उस समय गम में बदल गया, जब भक्ति और उत्साह के बीच एक युवक की अचानक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पठारी निवासी 40 वर्षीय रामगरीब कोल धार्मिक आयोजन में काली माता का स्वरूप धारण कर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर रहे थे। बैंड-बाजों की गूंज, ढोल-नगाड़ों की थाप और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच उनका प्रदर्शन पूरे जोश और आस्था के साथ चल रहा था। लोग उनकी प्रस्तुति देखकर भाव-विभोर हो रहे थे और माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ था।

इसी दौरान अचानक मंच पर नृत्य करते-करते रामगरीब कोल लड़खड़ाए और देखते ही देखते जमीन पर गिर पड़े। शुरुआत में मौजूद लोगों को लगा कि यह भी उनके अभिनय का हिस्सा है, लेकिन जब वे काफी देर तक नहीं उठे तो वहां अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें उठाने और संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक स्थिति गंभीर हो चुकी थी।

ये भी पढ़ें: Ujjain News: “सबको हुनर, सबको काम” योजना से मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार

ग्रामीणों के अनुसार उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई, लेकिन प्रारंभिक जानकारी में ही उनकी मृत्यु की पुष्टि हो गई। डॉक्टरों ने शुरुआती तौर पर हृदयाघात को मौत का संभावित कारण बताया है। घटना के बाद जहां कुछ समय पहले तक भक्ति और उत्साह का माहौल था, वहीं अचानक सन्नाटा पसर गया और कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा।

बताया जा रहा है कि रामगरीब कोल गांव में होने वाले धार्मिक आयोजनों में हमेशा सक्रिय रहते थे और हर वर्ष काली नृत्य की प्रस्तुति देकर लोगों को आकर्षित करते थे। उनकी इस तरह अचानक हुई मौत से परिवार के साथ-साथ पूरा गांव स्तब्ध और दुखी है।

घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरानी के साथ गहरा दुख व्यक्त कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि जीवन कितना अनिश्चित है, जहां खुशियों के बीच भी पल भर में सब कुछ बदल सकता है।




खरगोन में दर्दनाक सड़क हादसा: एयरपोर्ट जा रहे शिक्षक की मौत, पत्नी और दो बेटियां गंभीर

खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में महेश्वर-महू राऊ-खलघाट फोरलेन पर हुए भीषण सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। इस हादसे में एक शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी और दो बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महेश्वर निवासी कृष्णपाल सिंह तोमर अपनी बेटी को जर्मनी के लिए रवाना करने इंदौर एयरपोर्ट छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान उनकी तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में पहुंच गई। सामने से आ रहे पिकअप वाहन से जोरदार टक्कर हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार के सामने अचानक गाय आ जाने से चालक ने उसे बचाने की कोशिश की, जिससे वाहन संतुलन खो बैठा और हादसा हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन में आग लग गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

हादसे में कार चला रहे कृष्णपाल सिंह तोमर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी मिथलेश तोमर और बेटियां शोभना व भावना तोमर गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला और राहत कार्य में मदद की। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर फोरलेन सड़कों पर तेज रफ्तार और मवेशियों की मौजूदगी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग सड़क पर आवारा पशुओं की समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।




इंदौर ब्रजेश्वरी अग्निकांड: जांच में कार बनी आग की वजह, बैटरी विस्फोट से भड़की लपटें

इंदौर के ब्रजेश्वरी क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर अब तक भले ही आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई हो, लेकिन जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, वे इस घटना के पीछे कार को मुख्य कारण मान रहे हैं।

जानकारी के अनुसार यह हादसा उद्योगपति मनोज पुगलिया के बंगले में हुआ था, जहां सोलर सिस्टम लगा हुआ है। इसी कारण घर में विशेष प्रकार का स्मार्ट मीटर लगा था, जिसमें हर पल का बिजली लोड डेटा रिकॉर्ड होता है।

मीटर डेटा से खुला बड़ा राज
बिजली कंपनी द्वारा किए गए विश्लेषण में सामने आया कि घटना के समय घर का बिजली लोड करीब 9 किलोवाट तक पहुंच गया था। रात 3 बजे के बाद चार्जिंग के दौरान ऑटो कट-ऑफ हुआ और साढ़े तीन बजे सप्लाई दोबारा शुरू हुई। इसी दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग कार तक पहुंच गई।

बैटरी विस्फोट से फैल गई आग
जांच में यह भी सामने आया है कि आग सबसे पहले कार के पिछले हिस्से में लगी, जहां बैटरियां स्थित होती हैं। बैटरी में विस्फोट होने के बाद आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया।

आग सबसे पहले कार के पिछले टायरों को जला गई, जबकि आगे के हिस्से के अलॉय व्हील अपेक्षाकृत सुरक्षित रहे। इसके बाद आग पोल के पास लगे तारों तक पहुंची और फिर आंगन में खड़ी बाइकों को अपनी चपेट में लेते हुए घर के अगले हिस्से तक फैल गई।

यह खबर भी पढ़े: चलती कार बनी आग का गोला: सागर में भीषण हादसा, डॉक्टर की पत्नी जिंदा जली

कार कंपनी के विशेषज्ञ भी पहुंचे
घटना के बाद संबंधित कार कंपनी के विशेषज्ञ भी मौके पर पहुंचे और जले हुए कलपुर्जों का निरीक्षण किया। तकनीकी जांच के आधार पर आग के कारणों का विश्लेषण किया जा रहा है।

परिवार के दावे और जांच में अंतर
उद्योगपति के बेटे सौरभ पुगलिया ने पहले दावा किया था कि कार की बैटरी चार्जिंग पर नहीं थी और आग बिजली के पोल से लगी थी। हालांकि बिजली कंपनी और फायर सेफ्टी विशेषज्ञों की जांच में अब तक जो संकेत मिले हैं, वे कार की बैटरी और शॉर्ट सर्किट को आग की मुख्य वजह बता रहे हैं।

फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।




चलती कार बनी आग का गोला: सागर में भीषण हादसा, डॉक्टर की पत्नी जिंदा जली

सागर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सागर-दमोह मार्ग पर चना टोरिया टोल प्लाजा के पास एक चलती कार अचानक आग का गोला बन गई। इस भीषण हादसे में गढ़ाकोटा के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. नीलेश पटेल की पत्नी की कार के अंदर ही जिंदा जलने से मौत हो गई।

अचानक भड़की आग, संभलने का मौका नहीं मिला
जानकारी के अनुसार डॉ. नीलेश पटेल अपने परिवार के साथ कार से यात्रा कर रहे थे। जैसे ही उनकी कार चना टोरिया टोल प्लाजा के पास पहुंची, उसमें अचानक आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि कार सवारों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

दरवाजा जाम, महिला नहीं निकल सकीं बाहर
हादसे के समय कार में डॉ. पटेल और दो अन्य लोग भी मौजूद थे। आग लगते ही उन्होंने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली, लेकिन उनकी पत्नी कार में ही फंस गईं। बताया जा रहा है कि कार का दरवाजा जाम हो गया था, जिससे वह बाहर नहीं निकल सकीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और महिला लपटों में घिर गईं।

मौके पर मौजूद लोगों ने आग बुझाने और महिला को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन भीषण आग के चलते कोई कार के पास नहीं पहुंच सका।

ये भी पढ़ें- गणगौर पर भव्य शोभा यात्रा: मारवाड़ी महिला मंडल की तैयारियां पूरी

दमकल पहुंची, लेकिन तब तक हो चुकी थी मौत
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों को लेकर शॉर्ट सर्किट या फ्यूल टैंक में रिसाव जैसी संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।

गढ़ाकोटा में शोक की लहर
घटना की खबर मिलते ही पूरे गढ़ाकोटा और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। डॉ. नीलेश पटेल क्षेत्र के प्रतिष्ठित चिकित्सक माने जाते हैं, ऐसे में इस दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है, ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके।