नर्मदापुरम। परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित करने और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से नर्मदापुरम जिले में परिवहन विभाग (parivahan-vibhag) द्वारा विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत शुक्रवार को क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) श्रीमती रिंकु शर्मा के नेतृत्व और प्रभारी संभागीय सुरक्षा स्क्वाड अधिकारी श्री हिमांशु जैन की देखरेख में व्यापक जांच अभियान संचालित किया गया।

50 से अधिक स्कूल वाहन जांचे
अभियान के दौरान विशेष रूप से स्कूल वाहनों की जांच पर जोर दिया गया। कुल 50 से अधिक स्कूल बसों और वैन की गहन जांच की गई। जांच के दौरान विभागीय अधिकारियों ने वाहन चालकों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इनमें सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे—बीमा, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) साथ रखने पर जोर दिया गया। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि प्रत्येक वाहन में प्राथमिक उपचार बॉक्स (फर्स्ट एड किट) में बिना एक्सपायरी दवाएं उपलब्ध हों और अग्निशामक यंत्र समय-समय पर अपडेट किए जाएं।
9 वाहनों पर कार्रवाई, ₹27,500 का जुर्माना
चेकिंग के दौरान नियमों का उल्लंघन करते पाए गए 9 वाहनों पर विभाग ने सख्त कार्रवाई की। इन पर कुल 27,500 रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई परिवहन विभाग की उस गंभीरता को दर्शाती है जिसके तहत वह बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। आरटीओ श्रीमती रिंकु शर्मा ने कहा, “स्कूल वाहन केवल यातायात साधन नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और भविष्य से जुड़े होते हैं। इन पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभिभावकों का भरोसा बनाए रखने के लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।”
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विशेष अभियान का दायरा
नर्मदापुरम में यह अभियान केवल स्कूल वाहनों तक सीमित नहीं है। बल्कि, 22 सितंबर से शुरू हुआ यह विशेष प्रवर्तन अभियान 5 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है: बिना वैध बीमा वाले वाहन.फिटनेस प्रमाणपत्र न होने वाले वाहन,प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) की अनुपलब्धता,VLTD (Vehicle Location Tracking Device) और SLD (Speed Limiting Device) का न होना,अग्निशमन प्रणाली (FDSS, FDAS, FAPS) की अनुपलब्धता,फर्स्ट एड किट न होना या एक्सपायरी दवाओं का होना,रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप का अभाव,बिना परमिट / AITP परमिट के वाहन,ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग और ओवर पैसेंजर वाहन,बकाया कर वाले वाहन इन सभी पहलुओं पर निगरानी रखी जा रही है और उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत चालानी कार्रवाई की जा रही है।
सुरक्षा पर विशेष जोर
प्रभारी संभागीय सुरक्षा स्क्वाड श्री हिमांशु जैन ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं है, बल्कि वाहन चालकों और मालिकों में सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन की जागरूकता बढ़ाना भी है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने वाहन चालकों को समझाया कि फायर सेफ्टी उपकरण, जीपीएस आधारित लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम और स्पीड गवर्नर जैसे उपकरण बच्चों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य हैं। अभिभावकों को भी सतर्क रहकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके बच्चों की बसें सभी नियमों का पालन कर रही हैं।
अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को संदेश
अभियान के दौरान विभागीय अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को भी संदेश दिया कि वे वाहन प्रदाताओं से हमेशा नियमों के अनुरूप सेवाएं सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही देखे जाने पर इसकी तुरंत सूचना परिवहन विभाग को दी जा सकती है। स्कूल प्रबंधन को यह निर्देश दिया गया कि सभी वाहनों की समय-समय पर सर्विसिंग कराई जाए और चालक-परिचालक को बच्चों के प्रति जिम्मेदार और सजग बनाया जाए।
सड़क सुरक्षा और जनजागरूकता
परिवहन विभाग (parivahan-vibhag) का यह अभियान केवल चालानी कार्रवाई तक सीमित नहीं है। यह सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता का एक प्रयास भी है। विभाग ने जनसामान्य से अपील की है कि वे सड़क नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें। आरटीओ श्रीमती रिंकु शर्मा ने कहा, “सड़क सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है। चालक, वाहन मालिक, अभिभावक और यात्री—सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि नियमों का पालन हो। एक छोटी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है।”
नर्मदापुरम में चलाया जा रहा परिवहन विभाग (parivahan-vibhag) का यह विशेष प्रवर्तन अभियान सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 50 से अधिक स्कूल वाहनों की जांच और 9 वाहनों पर हुई कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। यह अभियान 5 अक्टूबर तक जारी रहेगा और उम्मीद है कि इसके माध्यम से न केवल वाहन चालकों में अनुशासन आएगा, बल्कि अभिभावकों और समाज में भी सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। इस प्रकार, नर्मदापुरम का यह विशेष अभियान एक व्यापक संदेश देता है—“सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का संकल्प है।”