Mp Politics : इस्तीफे के बाद भाई शिवराज से गले लगकर रोने लगीं लाडली बहनें, बोलीं- हम आपको नहीं छोड़ सकते

MP Politics: Dear sisters started crying after hugging brother Shivraj Singh

शिवराज सिंह से गले लगकर रोने लगीं लाडली बहनें।

मुख्यमंत्री के पद से शिवराज सिंह चौहान का जाना लाडली बहनाओं को भावुक कर रहा है। उनके इस्तीफा देने के बाद से ही बड़ी संख्या में लाडली बहनें सीएम निवास पहुंचकर मुलाकात कर रही हैं। मंगलवार को भी लाडली बहनें अपने भाई शिवराज से मिलने सीएम हाउस पहुंचीं। इतना ही नहीं बहनें अपने भाई शिवराज को देखकर भावुक हो गईं। उनकी आंखों से आंसू बहने लगे।

मैं कहीं नहीं जा रहा हूं

भाई शिवराज भी बहनों को रोता देख भावुक हो गए। वे उन्हें ढांढस बंधाने लगे। शिवराज ने उन्हें गले से लगा लिया। बहनों ने भाई शिवराज के गले लगकर कहा कि हम आपको नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने भी अपनी बहनों को समझाते हुए कहा कि मैं कहीं नहीं जा रहा हूं।

बता दें, भारतीय जनता पार्टी ने मोहन यादव को विधायक दल का नेता चुना है और अब वे मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे। यादव के नेता चुने जाने के बाद ही शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। नए सीएम के शपथ लेने तक अब वे कार्यवाहक सीएम हैं।

जीत वाले दिन भी रही थी धूम

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम 3 दिसंबर को आए थे। भारतीय जनता पार्टी को इसमें प्रचंड बहुमत मिला था। नतीजा सामने आते ही लाडली बहनाएं शिवराज को बधाई देने बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री निवास पर पहुंचीं थीं। यहां उन्होंने भाजपा की जीत पर जमकर जश्न मनाया था। बता दें, शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री रहते हुए लाडली बहन योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत प्रदेश की सवा करोड़ बहनों को 1250 सो रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। यह राशि 10 तारीख को प्रत्येक महीने बहनों के अकाउंट में डाली जाती है।

मोदी मैजिक या लाडली बहना

विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद से ही चर्चा है कि भाजपा की इस एकतरफा जीत का श्रेय किसको जाता है। इस सवाल पर दो राय सामने आ रही हैं। जहां संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि मोदी मैजिक के चलते भाजपा की यह बड़ी जीत हुई है। इनमें खुद प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय जैसे लोगों के बयान शामिल हैं। वहीं शिवराज सिंह चौहान के लोग इस जीत के लिए लाडली बहना योजना को क्रेडिट दे रहे हैं।

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