
नर्मदापुरम। माखननगर थाना पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से महज कुछ समय में इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि मृतक की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके सगे जीजा ने पैतृक संपत्ति के विवाद के चलते की थी।
पुलिस के अनुसार 24 जून 2026 की देर शाम डायल-112 पर सूचना मिली कि ग्राम कोटगांव स्थित एक खंडहर मकान में संजय उर्फ जितेंद्र मालवीय (35 वर्ष) का शव संदिग्ध अवस्था में खून से लथपथ पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना माखननगर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण करने पर मृतक की गर्दन पर गहरा घाव पाया गया, जिससे प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम साईं कृष्णा एस. थोटा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओपी) संजू चौहान के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कंचन सिंह के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई।
वैज्ञानिक और तकनीकी जांच से खुला राज
जांच के दौरान एफएसएल टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने मृतक के परिजनों, ग्रामीणों और आसपास के लोगों से गहन पूछताछ की। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर संदेह मृतक के जीजा घनश्याम मालवीय पर गया।
पुलिस ने जब आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसका मृतक संजय उर्फ जितेंद्र मालवीय के साथ लंबे समय से पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। घटना वाली रात भी दोनों के बीच इसी मुद्दे पर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई।
सुनसान जगह ले जाकर की निर्मम हत्या
आरोपी ने पुलिस को बताया कि विवाद के बाद वह मृतक को बहाने से सुनसान स्थान पर ले गया, जहां पहले से रखे वसूले (धारदार हथियार) से उसकी गर्दन पर कई वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से संजय की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया और घटना को छिपाने का प्रयास किया।
हत्या में प्रयुक्त हथियार और खून से सने कपड़े बरामद
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त वसूला और घटना के समय पहने गए रक्तरंजित कपड़े बरामद कर लिए हैं। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य सभी साक्ष्यों का परीक्षण भी कराया जा रहा है।
इन अधिकारियों और कर्मचारियों की रही अहम भूमिका
इस अंधे कत्ल का खुलासा करने में अनुविभागीय अधिकारी संजू चौहान, थाना प्रभारी कंचन सिंह, उपनिरीक्षक आकाशदीप पचाया, सहायक उपनिरीक्षक प्रकाश सिंह राजपूत, वीरेंद्र शुक्ला, रितेश यदुवंशी, प्रधान आरक्षक कैलाश (674), प्रधान आरक्षक अजय (321), आरक्षक नरेश मलिक (20), आरक्षक गजेंद्र चौहान (37), आरक्षक राहुल (346), आरक्षक स्वाती (959) तथा चालक श्याम आर. सहित पूरी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक जांच और टीमवर्क के कारण इस अंधे कत्ल का सफलतापूर्वक खुलासा संभव हो सका।