Khandwa News: कच्चे मकान में प्लास्टर करने के लिए मिट्टी निकालने गई महिलाओं पर खदान ढह गई

 

The mine collapsed on the women who had gone to extract soil to plaster their kutcha houses

हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीण

 

खंडवा जिले के पिपलोद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नांदिया खेड़ी में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में एक महिला की मौके पर मौत हो गई, तो वहीं दो अन्य घायलों का फिलहाल जिला अस्पताल में इलाज जारी है। मिली जानकारी के अनुसार रविवार को गांव की पांच महिलाएं घरों की लीपा-पोती करने के लिए पास ही के नाले में खदान से सफेद मिट्टी निकालने गई थीं। इस दौरान खदान धंसने से तीन महिलाएं इसकी चपेट में आ गई। जिसमें एक महिला दुर्गा बाई पत्नी अर्जुन की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दो महलिाएं पेमल बाई पत्नी सतीश व सजनी बाई को ग्रामीणों ने निकालकर घायल अवस्था में उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया है, जिन्हें मामूली चोटें आई है।

 

हादसे के वक्त मौजूद थी पांच महिलाएं

 

बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त खदान में पांच महिलाएं काम कर रही थीं। वहीं घटना में घायल पेमलबाई के पति सतीश ने बताया कि मिट्टी की खदान के भीतर खुदाई करने के दौरान यह हादसा हुआ है। एक महिला की खदान में दबने से मौत हो गई है। दो महिलाओं को गांव वालों ने बाहर निकाल लिया था, जिनका अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। अन्य दो महिलाएं को हल्की चोंटे आई है।

आदिवासी बहुलता वाले गांव में बने हैं कई सारे कच्चे मकान

 

बता दें कि ग्राम नांदिया खेड़ी, पंधाना ब्लाक का अंतिम गांव है, जो कि आदिवासी बहुलता वाला गांव है। गांव में पीएम आवास योजना के बावजूद अब भी कई कच्चे मकान बने हुए हैं। गर्मी के समय बड़े चूहे इन मकानों की मिट्टी से बनी दीवार को कुरेद देते हैं। जिससे की मकान की नींव कमजोर हो जाती है। इसलिए वर्षा से पहले उसकी मरम्मत के लिए महिलाएं मिट्टी लेने गांव के बाहर गई थीं। यह मिट्टी अलग तरह की होती है, जिसे निमाड़ में पांढर माटी के नाम से भी जाना जाता है। इस मिट्टी की लिपाई पुताई से घरों की सुंदरता भी बढ़ जाती है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश महिलाएं इसी मिट्टी का उपयोग कच्चे घरों की लीपा-पोती में करती हैं।

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