इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं और लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। जो लोग नौकरी और कामकाज के सिलसिले में बाहर निकल रहे हैं, वे चेहरे ढंककर, पानी की बोतल और अन्य बचाव के इंतजाम के साथ नजर आ रहे हैं।
रविवार को इंदौर का अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले सात दिनों तक शहरवासियों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। पूरे सप्ताह तापमान 41 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है।
लगातार बढ़ रही गर्मी
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले तीन दिनों तक आसमान साफ रहेगा और तेज धूप के कारण तापमान 42 डिग्री के आसपास बना रहेगा। रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है, जिससे लोगों को रात में भी गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है।
इस सीजन में यह दूसरी बार है जब इंदौर का पारा 43 डिग्री के पार पहुंचा है। पिछले साल मई महीने में बेमौसम बारिश और आंधी के कारण गर्मी का असर कम हो गया था, लेकिन इस बार मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है और गर्मी का प्रचंड रूप देखने को मिल रहा है।
बिजली व्यवस्था पर बढ़ा दबाव
भीषण गर्मी के चलते शहर में पंखे, कूलर और एसी लगातार चल रहे हैं, जिससे बिजली की खपत तेजी से बढ़ गई है। बढ़ते लोड के कारण कई इलाकों में जंपर उड़ने और ट्रांसफॉर्मर खराब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई क्षेत्रों में बिजली कटौती से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
गर्मी के कारण दिनभर घरों में कैद रहने को मजबूर लोग बिजली गुल होने पर और अधिक परेशान हो रहे हैं। खासकर दोपहर के समय गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं।
अगले चार दिन लू का असर
मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक शहर में लू चलने की संभावना जताई है। पिछले चार दिनों से लगातार तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।
हालांकि नौतपा की शुरुआत 25 मई से होगी, लेकिन उससे पहले ही इंदौर में मई जैसी तपिश महसूस होने लगी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम में कोई बदलाव नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
तेज गर्मी और लू को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।