इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में मौतों का सिलसिला अब भी थमा नहीं है। अब तक बस्ती में 27 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रशासन अब इन मौतों की वजह डायरिया मानने से इनकार कर रहा है। शुक्रवार को उल्टी-दस्त की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराए गए 63 वर्षीय बद्रीलाल (बद्री प्रसाद) की मौत के बाद मामला और गरमा गया।
प्रशासन ने बद्रीलाल की मौत का कारण किसी अन्य गंभीर बीमारी को बताया, जिससे नाराज परिजनों और बस्तीवासियों ने शनिवार को शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया।
शव यात्रा रोककर सड़क पर बैठा परिवार
बद्रीलाल की मौत के बाद डॉक्टरों ने शव परिजनों को सौंप दिया। शनिवार सुबह अंतिम संस्कार की तैयारी के तहत शव यात्रा घर से मालवा मिल मुक्तिधाम के लिए रवाना हुई, लेकिन रास्ते में पुलिया के पास शव को सड़क पर रख दिया गया। इसके बाद परिजन और स्थानीय लोग सड़क पर बैठ गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई।
ये खबर भी पढ़ें: Holashtak 2026: 24 फरवरी से लगेंगे होलाष्टक, जानें होली की तारीख और क्या करें–क्या न करें
परिजनों का आरोप— दूषित पानी से हो रही मौतें
परिजनों का कहना है कि वे मुआवजे के लिए प्रदर्शन नहीं कर रहे, बल्कि सच सामने लाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि बद्रीलाल को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद पहले एमवाय अस्पताल और फिर अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बावजूद प्रशासन अब मौत की वजह डायरिया मानने से इनकार कर रहा है।
बस्तीवासियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई के कारण लगातार लोग बीमार हो रहे हैं और मौतें हो रही हैं।
मौके पर पहुंची पुलिस, प्रदर्शन समाप्त
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों व प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी। इसके बाद सड़क से शव हटाया गया और प्रदर्शन समाप्त हुआ।
अब भी ICU में भर्ती हैं मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल बस्ती के 10 मरीज ICU में भर्ती हैं, जिनमें से 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है। राहत की बात यह है कि फिलहाल डायरिया के नए मरीज सामने नहीं आ रहे, लेकिन मौतों के कारणों को लेकर स्थिति अब भी विवादित बनी हुई है।