
नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश सरकार ने बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत हिमांशु जैन (Himanshu Jain) को नर्मदापुरम जिला पंचायत का नया मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति पूर्व सीईओ सोजन सिंह रावत के ग्वालियर स्थानांतरण के बाद हुई है।
प्रशासनिक फेरबदल की मुख्य बातें
राज्य सरकार ने 27 सितंबर की आधी रात को प्रशासनिक बदलावों की घोषणा की। इस आदेश में 18 आईएएस और 8 राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) अधिकारियों का तबादला हुआ। इनमें से 20 अधिकारियों को जिला पंचायत सीईओ का जिम्मा सौंपा गया है।
- नर्मदापुरम में नई जिम्मेदारी: शिवपुरी जिला पंचायत के सीईओ रहे श्री हिमांशु जैन अब नर्मदापुरम का कार्यभार संभालेंगे।
- पूर्व सीईओ का स्थानांतरण: सोजन सिंह रावत को ग्वालियर जिला पंचायत सीईओ नियुक्त किया गया है।
- शिवपुरी की नई नियुक्ति: विजय राज को शिवपुरी जिला पंचायत सीईओ की जिम्मेदारी दी गई है।
हिमांशु जैन (Himanshu Jain) एक परिचय
हिमांशु जैन (Himanshu Jain) एक मेधावी और युवा आईएएस अधिकारी हैं, जिनकी शैक्षणिक व प्रशासनिक उपलब्धियां उल्लेखनीय हैं।
- शैक्षणिक पृष्ठभूमि: यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 4 हासिल की थी।
- वरिष्ठता: 2020 बैच की वरिष्ठता सूची में मध्य प्रदेश कैडर में प्रथम स्थान और पूरे देश में 40वां स्थान प्राप्त।
- पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनकी पत्नी, श्रीमती सर्जना यादव, भी 2020 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और उन्हें सीहोर जिला पंचायत सीईओ नियुक्त किया गया है।
नियुक्ति का महत्व
जिला पंचायत सीईओ का पद जिले में कलेक्टर के बाद दूसरा सबसे अहम माना जाता है। ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और बुनियादी ढांचे की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की जिम्मेदारी इसी पद पर होती है। सरकार का यह फेरबदल प्रशासनिक कार्यकुशलता और पंचायत व्यवस्था को सुदृढ़ करने की रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।
नर्मदापुरम के लिए नई चुनौतियां
नर्मदापुरम जिले में जैन को कई प्रमुख चुनौतियों से जूझना होगा। इनमें जल संरक्षण, सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार, कृषि क्षेत्र में प्रगति और ग्रामीण आधारभूत संरचना का विकास शामिल है।
श्री हिमांशु जैन की नियुक्ति को जिले के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है। एक युवा और ऊर्जावान अधिकारी के रूप में उनसे उम्मीद है कि वे विकास कार्यों में नई रफ्तार लाएंगे और पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करेंगे। अब सबकी निगाहें उनके पदभार ग्रहण करने और भविष्य की कार्ययोजना पर टिकी हैं।