
नर्मदापुरम। जिले में इन दिनों भीषण गर्मी ने अपना असर तेज कर दिया है। लगातार बढ़ते तापमान और झुलसाने वाली लू के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। स्थिति यह है कि पिछले 10 दिनों से अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, जबकि रात का तापमान भी 20 डिग्री से ऊपर पहुंच गया है। ऐसे हालात में लोग दिन के समय घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरसिंह गेहलोत ने स्वास्थ्य एडवायजरी जारी कर नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के चलते तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसका सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
एपिडेमियोलॉजिस्ट राजेंद्र चौहान के अनुसार, जब शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, तो यह हीट स्ट्रोक की स्थिति मानी जाती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज सिरदर्द, उलझन, कमजोरी और अत्यधिक थकान शामिल हैं। गंभीर मामलों में यह स्थिति किडनी फेलियर या मृत्यु का कारण भी बन सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन को सलाह दी है कि वे गर्मी के इस मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। छोटे बच्चों को धूप में ले जाते समय विशेष सावधानी बरतें, उन्हें ढककर रखें और त्वचा को साफ एवं सूखा बनाए रखें, जिससे घमौरियों और त्वचा संबंधी समस्याओं से बचा जा सके। इसके अलावा कूलर, ठंडे पानी और छाया का उपयोग करें तथा बाहर निकलते समय छाता, टोपी या सनस्क्रीन का इस्तेमाल अवश्य करें।
निर्जलीकरण का खतरा बढ़ा
लंबे समय तक धूप में रहने या पर्याप्त पानी न पीने के कारण डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ रही है। इसके लक्षणों में गला सूखना, अत्यधिक पसीना आना, कमजोरी, थकान, त्वचा का पीला पड़ना, उल्टी और बेहोशी शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और विशेष रूप से बच्चों एवं बुजुर्गों का ध्यान रखने की अपील की है। विभाग का कहना है कि इस भीषण गर्मी में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।