बिजली विभाग का ‘झुका हुआ सलाम’: हादसे को आमंत्रण देता खंभा

सोहागपुर। मैन मार्केट स्थित कमानिया गेट से बिहारी चौक के बीच खड़ा बिजली का खंभा इन दिनों न सिर्फ झुका हुआ है, बल्कि मानो जनता को सलाम ठोक रहा हो—या फिर यह इशारा कर रहा हो कि “हादसा कभी भी हो सकता है, तैयार रहिए!”


बताया जा रहा है कि यह खंभा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर जमीन से ऊपर उठ चुका है। आम नागरिकों के लिए यह खंभा नहीं, बल्कि चलती-फिरती दुर्घटना का प्रतीक बन चुका है। स्थानीय लोगों ने जब बिजली विभाग को इसकी सूचना दी, तो विभाग ने वही किया, जिसमें वह माहिर है— नज़रअंदाज़।


खंभा टूटे तो टूटे, विभाग की नींद न टूटे—यही शायद बिजली विभाग का नया स्लोगन है।
“पहले हादसा, फिर संज्ञान” नीति लागू?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसा लगता है मानो विभाग किसी बड़ी दुर्घटना के इंतज़ार में है, ताकि उसके बाद जांच कमेटी बने, काग़ज़ी कार्रवाई हो और फिर वही पुराना निष्कर्ष निकले—“दुर्भाग्यपूर्ण घटना।”


बिजली का यह पोल अब सिर्फ तार नहीं ढो रहा, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का पूरा बोझ उठाए खड़ा है—हालाँकि कब तक, यह कहना मुश्किल है।


जनता का सवाल
अगर कल यह खंभा गिर गया, तो जिम्मेदार कौन होगा?
क्या विभाग को किसी की जान जाने के बाद ही हरकत में आना है?


फिलहाल खंभा अपनी जगह डटा है और विभाग अपनी लापरवाही पर।
अब देखना यह है कि पहले खंभा गिरता है या विभाग की आंख खुलती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!