मुंबई। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव 2026 के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) का महायुति गठबंधन सबसे बड़े ब्लॉक के रूप में उभरा है। देश की सबसे अमीर नगर निगम पर इस जीत के साथ ही यह लगभग तय हो गया है कि मुंबई को अगला मेयर BJP से मिलेगा।
चुनाव आयोग और BMC द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, BJP के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने कुल 118 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। अकेले BJP ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि उसके सहयोगी शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) को 29 सीटें मिलीं।
UBT-MNS गठबंधन ने भी दिखाई मजबूत मौजूदगी
दूसरी ओर, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ते हुए 65 सीटों पर जीत हासिल की और मुंबई की राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) को 24 सीटें मिलीं। अन्य दलों की बात करें तो
AIMIM ने 8 सीटें,
समाजवादी पार्टी ने 2 सीटें,
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने 3 सीटें,
जबकि NCP (शरदचंद्र पवार) को 1 सीट पर जीत मिली।
होटल में विधायकों को ठहराने से बढ़ीं अटकलें
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, BMC पर महायुति गठबंधन का नियंत्रण स्थापित होने के बाद, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट ने अपने चुने हुए प्रतिनिधियों को एक पांच सितारा होटल में ले जाना शुरू कर दिया है। इसे संभावित हॉर्स-ट्रेडिंग और राजनीतिक खरीद-फरोख्त से बचाव के तौर पर देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि पूरा विपक्ष एकजुट होता है, तो उसकी कुल संख्या 106 तक पहुंचती है, जो बहुमत के आंकड़े से आठ सीट कम है। इसी कारण राजनीतिक गलियारों में जोड़-तोड़ और रणनीतिक कवायदों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
मुंबई की राजनीति में नई तस्वीर
BMC चुनाव नतीजों ने साफ कर दिया है कि मुंबई की राजनीति में भाजपा-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन की स्थिति मजबूत हुई है, जबकि विपक्षी दलों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। अब सबकी निगाहें मेयर के चुनाव और नई BMC कार्यकारिणी के गठन पर टिकी हैं।
(ANI इनपुट के साथ)