भोपाल। राजधानी भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र स्थित सुदामा नगर में रिटायर्ड बुजुर्ग हेमंत फिलेमोन और उनकी दूसरी पत्नी शकुंतला बारीक फिलेमोन की हत्या के मामले में पुलिस लगातार नए खुलासे कर रही है। हत्याकांड के मुख्य आरोपी दो प्रॉपर्टी डीलर भाइयों को गुरुवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का दावा है कि जांच अभी शुरुआती दौर में है और मामले में तीन अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
दो अवैध हथियार बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए दो देशी कट्टों में से एक को कजलीखेड़ा स्थित नाले से बरामद किया था। वहीं दूसरा कट्टा भोपाल के बड़े तालाब में वीआईपी रोड से फेंका गया था, जिसे गोताखोरों की मदद से बाहर निकाला गया। पुलिस अब इन हथियारों की फोरेंसिक जांच करवा रही है।
शकुंतला की भाभी की भूमिका भी जांच के दायरे में
मामले में शकुंतला बारीक की भाभी शिवानी बारीक की भूमिका भी पुलिस के रडार पर है। जांच एजेंसियों को आरोपियों और शिवानी के बीच कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों तथा कथित योजना से जुड़े तकनीकी और अन्य साक्ष्य मिलने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में उनकी संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।
पुलिस आयुक्त ने क्या कहा?
भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि फिलहाल जांच टीम फर्जी गिफ्ट डीड तैयार करने वाले व्यक्ति और आरोपियों को अवैध हथियार उपलब्ध कराने वाले दो अन्य युवकों की तलाश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक शिवानी बारीक को क्लीन चिट नहीं दी गई है और उनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है।
पति-पत्नी के रिश्तों की भी जांच
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि जब हेमंत फिलेमोन और शकुंतला बारीक के बीच संबंध सामान्य नहीं थे और दोनों अपने-अपने खर्च अलग-अलग पेंशन से चलाते थे, तब दोनों की एक साथ हत्या क्यों की गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि शकुंतला को सामाजिक आयोजनों और किटी पार्टियों का शौक था। पुलिस उनके निजी जीवन और पारिवारिक संबंधों से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है, ताकि हत्या के पीछे की पूरी साजिश स्पष्ट हो सके।
क्या प्रॉपर्टी थी हत्या की वजह?
प्रारंभिक जांच में पुलिस को कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि सुदामा नगर स्थित मकान, जो हेमंत फिलेमोन के नाम था, उनकी मृत्यु के बाद शकुंतला के नाम स्थानांतरित हो सकता था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या बाद में यह संपत्ति मुख्य आरोपी श्रीकांत के नाम करने की कोई योजना बनाई गई थी।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन दस्तावेजों की सत्यता का सत्यापन अभी किया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद
फिलहाल पुलिस इस हाई-प्रोफाइल डबल मर्डर केस में हर पहलू से जांच कर रही है। हथियारों की बरामदगी, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, तकनीकी साक्ष्य और संभावित अन्य आरोपियों की तलाश के बीच आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

